
अब सैलानी गोरमघाट पर चार घंटे से ज्यादा समय तक उठा सकेंगे लुत्फ
पाली. मानसून की इस सीजन में गोरमघाट का मनोरम दृश्य देखने के लिए मारवाड़ से जाने वाले पर्यटकों को अब लुत्फ लेने के लिए और ज्यादा समय मिलेगा। रेलवे की ओर से मारवाड़ जंक्शन से मावली जंक्शन के बीच चलने वाली लोकल ट्रेन का समय बदला है। इसका फायदा ट्रेन द्वारा मारवाड़ से गोरमघाट जाने वाले पर्यटकों को मिलेगा। वहीं मेवाड़ की तरफ से आने वाले पर्यटकों को अब गोरमघाट का आनंद उठाने के लिए एक घंटे का ही समय मिलेगा। दरअसल, वर्तमान में मारवाड़ जंक्शन व मावली जंक्शन के बीच दो ट्रेनें चलती है। ज्यादातर पर्यटक मारवाड़ जंक्शन से 10.30 बजे रवाना होने वाली ट्रेन में ही बैठते हैं। यह ट्रेन 12.45 बजे गोरम घाट पहुंच जाती है। पहले यह ट्रेन मारवाड़ से 2 बजे रवाना होती थी। वहीं गोरमघाट से मारवाड़ की तरफ आने वाले पर्यटकों के लिए शाम 5 बजे हॉली डे स्पेशल ट्रेन मिल जाती है। इस बीच पर्यटकों को समय बीताने के लिए अच्छा समय मिल जाता है।
मारवाड़ से मावली
हॉली-डे-स्पेशल - 09602 ट्रेन, यह सुबह छह बजे मारवाड़ जंक्शन से रवाना होकर 7.30 बजे गोरमघाट और 12.30 बजे मावली पहुचंती है।
लोकल ट्रेन - 52075 टे्रन, यह मारवाड़ से सुबह 10.30 बजे रवाना होकर राणावास 10.55, फुलाद 11.20 व गोरमघाट 12.45 बजे पहुंचती है। यह ट्रेन मावली शाम 5 बजे पहुचंती है। पहले यह ट्रेन मारवाड़ से 2 बजे रवाना होती थी।
मावली से मारवाड़
लोकल ट्रेन 52076 - यह मावली से सुबह 7 बजे रवाना होती है और गोरमघाट 12.10 मिनट पर पहुंचती है। यह राणावास 1.10 बजे व मारवाड़ जंक्शन 1.30 बजे पहुंच जाती है। होली डे स्पेशल 09601 - यह मावली से 12.20 मिनट पर रवाना होती है। गोरमघाट शाम 5 बजे पहुंचती है। और मारवाड़ जंक्शन 6.45 मिनट पर पहुंचती है।
इस समय का मिला फायदा
पूर्व में मारवाड़ से ट्रेन दोपहर 2.10 बजे मावली के लिए रवाना होती थी। यह पर्यटकों को 3.10 मिनट पर गोरमघाट छोड़ देती थी। वहीं पर्यटक वापस 5 बजे आने वाली ट्रेन से मारवाड़ आ जाते थे। उस दौरान उन्हे गोरमघाट घूमने के लगभग 2 घंटे ही मिल पाते थे। अब यह ट्रेन मारवाड़ से सुबह 10.30 बजे रवाना होकर 12.45 बजे पर्यटकों को गोरमघाट छोड़ देती है। इससे पर्यटको को अब लगभग 4 घंटे का समय गोरमघाट में घुमने का मिल जाता है। इसलिए खास है यह जगह
गोरमघाट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर पिकनिक स्पॉट तक पहुंचने का करीब दो किमी का पैदल सफर तय करना पड़ता है। यहां बड़ा झरना तो है ही, जंगल क्षेत्र में चट्टानों पर बैठकर पिकनिक मनाने के लिए कई स्पॉट है। चारों तरफ बड़ी पहाडिय़ों से घिरे इस स्थल पर हरियाली देखते ही बनती है। झरने से गिरकर बहते पानी के आस-पास करीब एक किमी दूर तक पिकनिक स्पॉट बने हुए हैं। यहां कई पर्यटक खाना बनाते हैं और चाय-नाश्ता भी साथ लाते हैं।
ऐसा है गोरमघाट
- बंदरों के कई झुंड का बसेरा
- कई प्रजातियों के पक्षियों का बसेरा
- प्राकृतिक सौंदर्य है यहां की खासियत
- समुद्र तल से ऊंचाई 47335 मीटर
- ऊंचाई से गिरते झरने
Published on:
10 Jul 2018 11:26 am
