
चार साल में बुलाई सिर्फ एक बैठक, फिर कैसे आ पाएंगे सफाई में अव्वल
पाली। स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में अव्वल आने के लिए इन दिनों नगर परिषद तैयारियों में जुटी है। जबकि, दूसरी ओर स्थिति यह है कि शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर नजर रखने, इससे संबंधित आमजन की समस्याओं का त्वरित निवारण करने एवं सफाई कार्य में नवाचार पर चर्चा करने के लिए गठित स्वच्छता एवं स्वास्थ्य समिति की बैठक पिछले चार वर्ष में महज एक बार हो सकी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर को साफ-सुथरा रखने को लेकर नगर परिषद के जिम्मेदार कितना सक्रिय है।
राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 के तहत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य समिति, वित्त समिति, भवन निर्माण एवं सकर्म समिति, नियम उपनियम समिति, अपराधों का शमन एवं समझौता समिति, गंदी बस्ती विकास समिति का गठन किया जाता है। ताकि, नगर परिषद के कार्यों का का बंटवारा होने से आमजन के कार्य सुगमता से हो सके उन्हें परिषद के चक्कर काट परेशानी का सामना न करना पड़े। लेकिन, हकीकत यह हैं कि इन समितियों की बैठक तय समय में नहीं होती। बात स्वच्छता एवं स्वास्थ्य समिति की करें तो सामने आता है कि नगर परिषद के वर्तमान बोर्ड के गठन को चार वर्ष से अधिक समय हो चुका है। लेकिन, अभी तक महज एक बार इस समिति की बैठक हुई। जबकि नियमानुसार दो माह में एक बार समिति की बैठक होनी चाहिए।
हां, नहीं हो पाई बैठकें, जल्द करेंगे कार्रवाई
पहले लिपिक का स्थानांतरण हो गया था। नए लिपिक को समिति की बैठक आयोजित करने को लेकर कई बार नोटशीट भी चलाई। लेकिन बैठक आयोजित नहीं करवाई जा सकी। इसको लेकर जल्द ही कार्रवाई करेंगे। - मूलसिंह भाटी, अध्यक्ष, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य समिति एवं उपसभापति, नगर परिषद, पाली
समिति के कार्य
- शहर की साफ-सफाई व्यवस्था की निगरानी रखना।
- सफाई व्यवस्था में लगे वाहनों पर निगरानी एवं नियंत्रण रखना।
- सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए नवाचार करना।
- शहरवासियों को सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए जागरूक करना।
- शहर की सफाई को लेकर आमजन की समस्या को सुनना एवं त्वरित निवारण करना।
Published on:
21 Dec 2018 01:42 pm
