4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पाली की जीवनरेखा कपड़ा उद्योग पर गहराते जा रहे संकट के बादल…यहां पढ़े खबर

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेम्बर सेक्रेटी ने लिया जायजा मॉनिटरिंग कमेटी के बताए स्थलों को देखा  
2 min read
Google source verification

पाली

image

Rajeev Dave

Jun 08, 2018

textile industry pali

पाली की जीवनरेखा कपड़ा उद्योग पर गहराते जा रहे संकट के बादल...यहां पढ़े खबर

पाली. पाली की ‘जीवनरेखा’ कपड़ा उद्योग पर संकट के बादल गहराते जा रहे है। एनजीटी के आदेश पर 6 जून को जिन स्थानों पर जिला कलक्टर ने प्रदूषण का जायजा लिया था। उन जगहों का ही गुरुवार को पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेम्बर सेकेट्री ने भी निरीक्षण किया। किसानों की समस्या सुनी और उनकी पीड़ा को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा उन्होंने सीइटीपी के ट्रीटमेंट प्लांट दो का भी मौका मुआयना किया। हालांकि उनके पाली आने का कारण जोधपुर जाते समय रुकना बताया जा रहा है, लेकिन इसे एक कारण 13 जून को एनजीटी में होने वाली सुनवाई को भी माना जा रहा है।

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेम्बर सेक्रेट्री अजयकुमार गुप्ता दिन में अचानक पाली पहुंचे। पहले उन्होंने ट्रीटमेंट प्लांट संख्या दो में जाकर पानी को ट्रीट करने और प्लांट की स्थिति जानी। इसके बाद वहां लगे स्काडा सिस्टम को भी जायजा लिया। यहां से वे पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आरओ राजीव पारीक व किसान पर्यावरण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ मॉनिटरिंग कमेटी (प्रो. बृजगोपाल की अध्यक्षता वाली कमेटी) के बताए स्थल जवडिय़ा पहुंचे। वहां बहते रंगीन पानी में झाग देखकर फोटो लिए। पानी में आ रही बदबू को पर नाराजगी प्रकट की।

गढ़वाड़ा नदी में सुनी समस्या

इसके बाद वे मॉनिटरिंग कमेटी के बताए दूसरे स्थल गढ़वाड़ा स्थित नदी पर पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद 100 से अधिक किसानों ने प्रदूषण की समस्या बताई। किसान नाथुदान गढ़वाड़ा, सरपंच लक्ष्मणराम पटेल, मेहरदान चारण, अर्जुनसिंह राजपुरोहित, रूपाराम पटेल व गौतम त्रिवेदी आदि ने कहा कि इस क्षेत्र में पहले सब्जियों व खरबूजे के साथ गेहूं की खेती होती थी, लेकिन आज यहां सब्जियां व खरबूजे नहीं होते। प्रदूषण के कारण यहां उगे गेहूं भी लोग खरीदने को तैयार नहीं है। लोगों में जानलेवा बीमारियां फैल रही है।

नारे लगाकर जताया विरोध

नेहड़ा बांध पहुंचने पर वहां मौजूद 300 से अधिक किसानों ने नारे लगाकर प्रदूषण की समस्या का समाधान करने की मांग की। यहां वागाराम विश्नोई, गिरधारीसिंह राजपुरोहित, रीडमलराम, खीमाराम प्रजापत, मगाराम, हड़मानाराम दिवान्दी, जगदीश आदि ने बताया कि बांध में बरसात का पिछले साल साफ पानी भरा था, लेकिन प्रदूषित पानी से वह खराब हो गया। बांध आज प्रदूषित पानी के कारण किसानों के लिए नाकारा हो गया है। इस दौरान किसानों ने ज्ञापन भी दिया। इस दौरान किसान पर्यावरण संघर्ष समिति के अध्यक्ष पुखराज पटेल, महामंत्री महावीरसिंह सुकरलाई ने भी प्रदूषण से किसानों को हो रहे नुकसान और खराब हुई जमीन की समस्या बताई।

यह बोले मेम्बर सेक्रेट्री

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेम्बर सेकेट्री ने किसानों की बात सुनने के बाद उनको आश्वान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन समस्या को लेकर गंभीर है। प्रदूषण को लेकर जो भी कार्रवाई नियमानुसार संभव होगी। वह जरूर की जाएगी।

किसानों ने ज्ञापन में यह की मांग

-ट्रीटमेंट प्लांट संख्या 6 बिना कंसेंट टू ऑपरेट के संचालित हो रहा है। इसे बंद किया जाना चाहिए।

-प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

-एनजीटी व हाइकोर्ट के आदेशों की पूर्ण रूप से पालना होनी चाहिए।

-किसानों को अब तक हुए नुकसान का मुआवजा मिलना चाहिए।

-बांडी नदी में ट्रीटेड या अनट्रीटेड किसी तरह का पानी नहीं जाना चाहिए।

-नदी साफ पानी के लिए है प्रदूषित पानी बहाने के लिए नहीं।

-दक्षिण भारत में प्रदूषण के कारण फैक्ट्री बंद हो सकती है तो हमारे यहां प्रदूषण को क्यों नहीं रोका जा सकता।