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प्रदेश के किसानों के लिए जी का जंजाल बना ऑनलाइन पंजीयन, पढि़ए पूरी खबर

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पाली

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Suresh Hemnani

Mar 19, 2019

- सरसों व चने की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए पंजीयन में अव्यवस्था
- जोधपुर संभाग में अब तक 20 हजार किसानों का पंजीयन

पाली। प्रदेश में सरसों व चने की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीयन किसानों के लिए जी का जंजाल हो गया है। 13 मार्च से शुरू हुए ऑनलाइन पंजीयन से पहले गिरदावरी के लिए पटवारियों के चक्कर लगाए। अब ऑनलाइन पोर्टल सर्वर की धीमी गति के चलते किसानों का बड़ा समय इ-मित्र पर लाइन में ही गुजर जाता है।

जबकि इस समय फसल कटाई व त्योहारी सीजन है। इससे किसान खासे परेशान है। यह समस्या पूरे प्रदेश में चल रही है। उनकी सुनवाई कोई नहीं कर रहा है। किसान इस समय फसल कटाई में लगे हुए हैं। ऐसे में राजफैड की पंजीयन अव्यवस्था किसानों पर भारी पड़ रही है। पंजीयन में उलझ जाने से किसान न फसल कटाई कर पा रहे है और सर्वर की सुस्ती से न पंजीयन करवा पा रहे हैं। इस संबंध में भारतीय किसान संघ ने सहकारिता मंत्री, प्रमुख शासन सचिव, राजफैड प्रबंधक से शिकायत भी की और किसानों की पंजीयन संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की थी, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

चने व सरसों की 1 अप्रेल से होनी है खरीद
प्रदेश में 1 अप्रेल से चने व सरसों की खरीद किए जाने के लिए किसानों से ऑनलाइन पंजीयन मांगे गए थे। इन फसलों की प्रदेश के 248 केंद्रों पर खरीद होगी।

आंकड़ों की जुबानी कहानी
- 4200 रुपए सरसों का, समर्थन मूल्य
- 4600 रुपए चने का, समर्थन मूल्य
- 1 अप्रेल से खरीद शुरू
- 9 लाख टन सरसों की खरीद का अनुमान
- 5.41 लाख टन चने की खरीद का अनुमान
- 20 हजार किसानों का जोधपुर संभाग में पंजीयन
- 248 केन्द्रों पर खरीद

पहले सर्वर धीमा, अब पंजीयन क्षमता खत्म
सामान्य किसानों को 16 मार्च से ही गिरदावरी मिलना शुरू हुई थी। दिन में कई घंटे तक ऑनलाइन पंजीयन पोर्टल के बंद रहने अथवा धीमे चलने के बावजूद अधिकतर खरीद केंद्रों पर पोर्टल पंजीयन क्षमता खत्म होने का संदेश बता रहा है। इससे किसान इस पंजीयन व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर खरीद केंद्रों की पंजीयन क्षमता बढ़ाने की मांग कर रहे है।

आंदोलन करना पड़ेगा
भारतीय किसान संघ द्वारा प्रशासन से पंजीयन व्यवस्था सुधारने के लिए लिखने के बावजूद किसानों के प्रति उदासीन होना गंभीर है। समय रहते बायोमेट्रिक के साथ ओटीपी का ऑप्शन देने, खरीद क्षमता बढ़ाकर कर ऑनलाइन पंजीयन पोर्टल को सुधारा नहीं गया तो मजबूरन संगठन को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ेगा। -तुलछाराम सिंवर, आंदोलन संयोजक, भा. किसान संघ, जोधपुर

जमाबंदी से पंजीयन मान्य नहीं होगा
सर्वर की समस्या चल रही है। कई इ-मित्र पर किसान गिरदावरी की जगह जमाबंदी से पंजीयन करवा रहे हैं, यह मान्य नहीं होगा। सभी किसान इस बारे में ध्यान रखे। अब तक जोधपुर जोन में 15 हजार किसानों का सरसों के लिए व 5 हजार किसानों का चने की खरीद के लिए पंजीयन किया है। -भगवान सिंह शेखावत, क्षेत्रीय अधिकारी, राजफैड, जोधपुर जोन