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सेहतमंद एवं लाभकारी प्रयोग से प्रगतिशील किसान बना मिसाल, पढि़ए पूरी खबर

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पाली

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Suresh Hemnani

Apr 04, 2019

Crop irrigation from green house in pali

सेहतमंद एवं लाभकारी प्रयोग से प्रगतिशील किसान बना मिसाल, पढि़ए पूरी खबर

- ग्रीन हाउस में किसान ले रहा तीन फसल

पाली/जैतारण। जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया में किसानों को मेहनत जरूर लगती है, लेकिन जैविक खाद से जमीन की उर्वरा में वृद्धि के साथ, इन उत्पादों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। किसानों के लिए अनुकरणीय बने है लौटोती निवासी पृथ्वीसिंह उदावत बेरा इतरतिया, जो सवा बीघा में ग्रीन हाउस बनाकर फार्म पोंड में बरसात के पानी का संचय कर फव्वारा पद्धति से आधुनिक खेती कर रहे हैं।

बेरा इतरतीया पर कृषि विभाग की योजना के तहत खेत तलाई योजना फार्म पोण्ड बनाया गया है। इसमें खेत का बरसात का पानी बहकर इसमें एकत्रित हो जाता है। इसे बूंद-बूंद पानी से ग्रीन हाऊस में कम पानी की खपत से तीन पैदावार ली जा रही है। भगवतसिह उदावत ने बताया कि ग्रीन हाऊस में खीरा काकड़ी 35 दिन में पैदावार देना शुरू हो जाता है। अगली फसल टमाटर की पैदावर दो माह में शुरू हो जाती है। इससे दो माह तक पैदावार मिलती है। वर्तमान मे धाणा की फसल लहलहा रही है। रसायनिक खाद से जमीन की उर्वरा नष्ट होने के साथ ही शरीर के लिए भी हानिकारक है।

एक सप्ताह मे बनता जैविक खाद
20 क्विटल गुड़ में डी कम्पोजर मिलाने के बाद एक सप्ताह में ढाई हजार लीटर जैविक खाद तैयार हो चुका है। इसे गोबर खाद में मिलाकर जमीन में फसल बोने से पहले जमीन डालें तो करीब एक माह में इसमें जीव पैदा हो जाएंगे। ये जमीन को पोली करेंगे। इसके बाद इसमें कपास बोया जाएगा।

जैविक खाद से पैदा होते किसान मित्र कीट
फसल उगने के बाद जैविक खाद की खुशबू से किसान मित्र कीट पैदा हो जाएंगे। यह कीट पौधे को नष्ट करने वाले कीटों को खा जाते हैं। मच्छर मोयला व सफेल मक्खी सहित जो भी कीट पौधे को नष्ट करते है, ऐसे कीटों को किसान मित्र कीट खा जाते हैं।

जैविक खाद जमीन में उर्वरा व स्वास्थ्य के लिये उत्तम
जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया कुछ जटिल जरूर है, लेकिन इससे जमीन की उर्वरा बढ़ती है तथा स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। गेहूं की फसल ले रखी है। अब कपास की तैयारियां चल रही है। कम पानी अत्यधिक उपज मिल रही है।
-पृथ्वीसिंह उदावत, प्रगतिशील काश्तकार लौटोती (जैतारण)