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घटता विश्वास, बढ़ती दहशत

- पुलिस के व्यवहार व कार्रवाई पर लगातार शिकायतें - औद्योगिक थाने में मामला भी दर्ज  
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Curves, increasing panic

घटता विश्वास, बढ़ती दहशत

पाली . ‘आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय’ पुलिस का नारा पाली में बदल रहा है। यहां पिछले दस दिनों में पुलिस के व्यवहार व कार्यप्रणाली को लेकर आमजन में दहशत फैल रही है और पुलिस के प्रति विश्वास घट रहा है। एक दिन पूर्व औद्योगिक थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा हिरासत में लिए गए एक युवक के साथ मारपीट के मामले में अब पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसी प्रकार गत दिनों सोजत रोड थाना पुलिस के खिलाफ एसपी के समक्ष परिवाद पेश हुआ, इसकी जांच जारी है। गुड़ा एन्दला थाना क्षेत्र के गुंदोज गांव में लूट की बरामद राशि में गफलत का मामला सामने आने के बाद जांच सीओ ग्रामीण को सौंपी गई है, इसमें अब भी पीडि़त लूट के डेढ़ लाख रुपए की बाकी राशि के लिए थाने का चक्कर लगा रहा है। ये तीनों घटनाएं पुलिस के रौब, कार्यप्रणाली व व्यवहार पर सवाल उठा रही है।

एसपी से शिकायत, पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज

औद्योगिक थाना क्षेत्र के भटवाड़ा सुभाष नगर में शुक्रवार को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार युवक बुधाराम बंजारा के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट करने का मामला अब बढ़ गया है। युवक की पत्नी की रिपोर्ट पर औद्योगिक क्षेत्र थाने में एसआइ पुरखाराम, हैड कांस्टेबल राधेश्याम, सिपाही अशोक बंजारा सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मारपीट, लज्जा भंग करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। शनिवार को नगर परिषद के पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया और दोषी पुलिसकर्मियों निलम्बित करने, विभागीय जांच करवाने की मांग की गई। प्रकरण की जांच कोतवाली के उप निरीक्षक भंवरलाल को सौंपी गई थी। ज्ञापन सौंपते समय पार्षद गोविंद बंजारा, कांग्रेस नेता मेहबूब टी, महेश जोशी सहित बंजारा समाज के लोग मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि बुधाराम बंजारा ने पुलिसकर्मी राधेश्याम, अशोक बंजारा के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाया था। रात में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इधर, फिलहाल इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

लूट की राशि के डेढ़ लाख रुपए व जेवरात गायब, अब जांच शुरू

गुंदोज गांव में गत दिनों एक युवक द्वारा वृद्ध के घर में घुसकर 11 लाख रुपए चुराने के मामले में गुड़ा एन्दला थाना पुलिस द्वारा 9.42 लाख पांच सौ रुपए बरामद करने के बाद बाकी की राशि व जेवरात अभी तक नहीं मिले। मामला उजागर हुआ तो इसकी जांच सीओ ग्रामीण विक्रम सिंह को सौंपी गई है। इधर, पीडि़त पक्ष लगातार चक्कर लगा रहा है कि उसे बाकी की राशि मिल जाए। आरोपी पहले से न्यायिक अभिरक्षा में है, उसने रिमाण्ड अवधि के दौरान खुलासा किया था कि जहां से राशि चुराई, इसके बाद एक मंदिर में चुग्गे की बोरियों में रुपए की थैली रखी। पुलिस ने यह थैली वहां से बरामद की, लेकिन 1.57 लाख रुपए व जेवरात नहीं मिले। यह राशि कहां गई, इसको लेकर पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं।

एसएचओ की लापरवाही

गुंदोज में लूट की राशि गायब होने के मामले में अब तक हुई जांच में सामने आया है कि जब रुपए से भरी थैली मौके से जिस मंदिर से बरामद की गई, वहां एसएचओ चंद्र सिंह मौजूद नहीं थे। जबकि लूट की इतनी बड़ी राशि बरामद करते समय एसएचओ की जिम्मेदारी होती है कि उन्हें वहां मौजूद रहना चाहिए। एसएचओ की इस लापरवाही की वजह से अब पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद एसएचओ से किसी प्रकार का जवाब नहीं मांगा गया है।

सोजत रोड पुलिस के खिलाफ जांच सीओ को

सोजत रोड थानाधिकारी सुरेन्द्र कुमार, हैड कांस्टेबल जेठूदान, नाथूराम सहित अन्य स्टाफ पर महिलाओं के साथ अत्याचार करने व एक लडक़े को नाबालिग समझ पकडऩे के आरोप की जांच अब सीओ सोजत कर रहे हैं। एक शिकायत में
सोजत रोड थाना क्षेत्र के रनिया बेरा आलावास निवासी लीला देवी पत्नी रामलाल मेघवाल सहित अन्य परिवारों ने आरोप लगाया कि सोजत रोड थानाधिकारी सुरेन्द्र कुमार व पुलिस कर्मी नाथूराम कुछ लोगों के साथ आए और पूर्व में बंद किए गए रास्ते के बारे में बात की। महिला ने इस सम्बंध में कलक्टर व एसडीएम के कागजात थानाधिकारी को दिखाए तो वे भडक़ गए और उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए मारपीट की। जबकि दूसरी शिकायत में

मारवाड़ जंक्शन के गुगलिया गांव निवासी केसर सिंह रावत ने बताया कि सोजत रोड थाने के हैड कांस्टेबल जेठूदान चारण ने उसके पुत्र को नाबालिग मानते हुए पकड़ लिया और उसे किशोर गृह भेज दिया। परिजनों द्वारा उसके बालिग होने के दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए, लेकिन इन्हें नजर अंदाज कर दिया। इन शिकायतों की जांच जारी है, लेकिन जांच के रहते सभी पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात है।