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किसी जमाने में यहां रहते थे मूर्तिकार, इतिहास टटोलने लगी टीम

-मूर्ति मिलने के बाद हरकत में आए जिम्मेदार...-पांच दिन बाद होगी खुदाई, पुरातत्व विभाग ने खंगाले रिकॉर्ड
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पाली

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Suresh Hemnani

Dec 21, 2018

Digging Found statue in Devli Khurd

किसी जमाने में यहां रहते थे मूर्तिकार, इतिहास टटोलने लगी टीम

रायपुर मारवाड़। पहाड़ी क्षेत्र में आबाद रेलड़ा के देवली खुर्द गांव में भगवान विष्णु की करीब दो हजार साल पुरानी मूर्ति मिलने के बाद पुरातत्व व राजस्व विभाग रहस्य जानने में लगे हैं। टीम ने इतिहास टटोलने के लिए इस गांव के बुर्जुगों से पूछताछ शुरू कर दी है। अब तक की पड़ताल में कई रोचक जानकारी सामने आई है। जिसे आधार बनाकर टीम आगे कदम बढा रही है। पांच दिन बाद इस गांव में खुदाई कर पड़ताल करेगी।

दरअसल, 4 दिसम्बर को देवली खुर्द गांव में मनरेगा श्रमिकों को खुदाई के दौरान भगवान विष्णु की प्राचीन मूर्ति मिली थी। इस मूर्ति के पास पूजन संबंधित कुछ छोटे बर्तन भी मिले थे। जिन्हें केसरपुरा के निजी स्कूल शिक्षक राजेन्द्रसिंह ने अपने घर ले जाकर रखे। पत्रिका में प्रकाशित समाचार के बाद बुधवार को पाली के बांगड़ राजकीय संग्राहलय के अध्यक्ष इमरान अली व वरिष्ठ सहायक राजेश कुमार रेलड़ा आए थे। उन्होंने पटवारी भूराराम सिंगारिया के साथ मौका निरीक्षण करने के बाद शिक्षक से मूर्ति प्राप्त की थी।

सोमवार को करेंगे खुदाई
पटवारी भूराराम सिंगारिया ने बताया कि पुरातत्व विभाग की टीम सोमवार को दुबारा देवली खुर्द गांव में आएगी। इसके बाद जिस स्थान पर मूर्ति मिली थी वहां दुबारा खुदाई कर पड़ताल की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस गांव का जरूर कोई पुराना इतिहास रहा है। जिसके बारे में ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जा रही है। वही पुरातत्व विभाग अपने स्तर पर रिकॉर्ड खंगालने में लगा है।

105 साल की वृद्ध महिला ने बताया इतिहास
मूर्ति मिलने से गांव में प्राचीन मंदिर होने की आशंका हुई। टीम ने देवली खुर्द गांव में बुर्जुग लोगों से मुलाकात कर इतिहास को टटोला। इस बीच 105 साल की वृद्ध महिला ने टीम को बताया कि उनके ससुर कहा करते थे कि करीब डेढ सौ साल पहले इस गांव में ठठेरा परिवार रहता था। जो पत्थरों को तराश कर मूर्ति का निर्माण किया करते थे। इस परिवार द्वारा निर्मित कई मूर्तियां जिले के मंदिरों में आज भी पूजी जाती है। अब उस परिवार के सदस्य इस गांव में नहीं रहते।