
ग्रामीण बोले...साहब हमें हमारे हक का पानी दिलाओ, नहीं तो करेंगे अनशन
- कलक्टर ने व्यथा सुन एसडीएम को दिए जांच के आदेश
- एईएन ने गांव में पहुंच की समझाइश, ग्रामीण मांग पर अड़े
- बिराटिया कलां का मामला
रायपुर मारवाड़। पाली जिले के रायपुर क्षेत्र के बिराटिया कलां गांव की तीन बस्ती के लोग लंबे समय से पेयजल समस्या से त्रस्त हैं। अब तक कहीं से राहत नहीं मिलने से आहत होकर ये लोग जिला कलक्टर के दफ्तर जा पहुंचे। कलक्टर को व्यथा सुना प्रभावी कार्रवाई की मांग की। कलक्टर ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए। एसडीएम के निर्देश पर जलदाय विभाग के एईएन शाम को गांव में पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया।
बिराटिया कलां गांव से सटी सवालिया की माट, माना का जाव, रूपजी की खेडिय़ा बस्ती है। यहां पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं है। इससे यहां के ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप व आस-पास के कुओं की दौड़ लगानी पड़ती है। इसी बस्ती में जलदाय विभाग ने ट्यूबवेल खुदवाई थी। जिसका पानी बिराटिया कला गांव व धोलीधेड़ गांव में पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों ने इस ट्यूबवेल से पड़ोसी गांव को पानी देने का विरोध किया और इनकी बस्ती में पानी देने की मांग की, लेकिन आज तक किसी ने नहीं सुनी।
फिर जा पहुंचे जिला कलक्टर के पास
सवेरे गुलाबराम नायक व बस्तीराम नायक के नेतृत्व में तीनों बस्ती के दर्जनों ग्रामीण पाली पहुंचे। उन्होंने कलक्टर दिनेश जैन से मुलाकात कर उन्हें व्यथा सुनाई। ग्रामीणों ने बताया कि इनकी बस्ती में लगी ट्यूबवेल का पानी उन्हें नहीं दिया जाकर पड़ोसी गांव में दिया जा रहा है। जबकि उन गांवों में पहले से ही दो सरकारी कुए हैं। ग्रामीणों ने पड़ोसी गांव में इस ट्यूबवेल से जा रहे पानी को बंद करवा इनकी तीनों बस्ती में जलापूर्ति करने की मांग की। कलक्टर जैन ने एसडीएम भंवरलाल जनागल को जांच कर उचित कार्रवाई के आदेश दिए।
बेअसर रही समझाइश
एसडीएम के निर्देश पर शाम को जलदाय विभाग के एईएन डीआर. नोगिया व जेईएन अमृतलाल मीणा गांव में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि इस ट्यूबवेल से अलग लाइन निकालने के लिए नई स्वीकृति की जरूरत है। इसके लिए समय लगेगा। ग्रामीणों ने अब और इंतजार करने से साफ इनकार कर दिया। इससे समझाइश वार्ता बेअसर रही। ग्रामीणों ने समय रहते इन्हें पानी नहीं दिए जाने पर दूसरे गांवो में आपूर्ति बंद कर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों पर भेदभाव करने व धमकाने का भी आरोप लगाया है।
नहीं माने ग्रामीण
ट्यूबवेल से तीनों बस्ती में पानी देने के लिए अलग से लाइन बिछानी पड़ेगी। अभी जो लाइन है उसको बीच में बदलना सम्भव नहीं है। नई स्वीकृति मिलने पर भी इन्हें पानी दे सकते हैं। मैंने गांव में जाकर समझाइश की लेकिन ग्रामीण नहीं माने। वे अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। हम पर लगाए गए आरोप गलत हैं। - डीआर. नोगिया, एईएन पीएचइडी, रायपुर
करेंगे कोई समाधान
तीनों बस्ती के लोगों को पानी मिले इसके लिए कोई समाधान निकाल इन्हें राहत पहुंचाने की कार्रवाई करेंगे। मैंने एईएन को बुलाया है कोई न कोई रास्ता निकालते हैं। -भंवरलाल जनागल, एसडीएम, रायपुर
Published on:
03 Apr 2019 02:11 pm
