
पाली । मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले मॉडल तालाब योजना पर धूल छाई हुई है। कहने को तो प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक तालाब को मॉडल रूप में विकसित करने की मंशा थी। लेकिन, ग्राम पंचायत व जिला परिषद के अधिकारी इसमें रुचि नहीं दिखा रहे है। पाली जिले की बात करें तो 298 मॉडल तालाब बनाने के प्रस्तावों की स्वीकृति जारी हुई थी। लेकिन, सिर्फ 83 तालाब ही बन पाए। 209 तालाब अब भी अधूरे ही पड़े है। वहीं छह तालाबों पर तो इतने सालों में काम शुरू करने की भी जरूरत नहीं समझी गई।
दावा तो नियमित मॉनिटरिंग का था
वर्ष 2014-2015 में मनरेगा योजना में परम्परागत जल स्त्रोत का विकास कर मॉडल तालाब के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों व मवेशियों की तालाब पर निर्भरता को देखते हुए ही ये निर्णय किया गया था, ताकि ये तालाब साल भर तक पानी से पूरे भरे रहे। इतना ही नहीं, मॉडल तालाबों को हर हाल में विकसित करने के लिए ग्रामीण विकास पंचायती राज के शासन सचिव राजीवसिंह ठाकुर ने नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के आदेश भी जारी किए थे। लेकिन यह आदेश फाइलों में ही शोभा बढ़ा रहे हैं।
सबसे अधिक रोहट व सबसे कम देसूरी में बने तालाब
जिला परिषद के अधिकारिओं के मुताबिक बाली में 37, देसूरी में 35, जैतारण में 32, मारवाड़ जंक्शन में 35, पाली में 23, रायपुर में 24, रानी में 27, रोहट में 27, सोजत 39 व सुमेरपुर में 29 मॉडल तालाब बनाने के लिए स्वीकृति जारी हुई थी। इनमें से बाली में 6, देसूरी में 4, जैतारण में 10, मारवाड़ जंक्शन में 8, पाली में 9, रायपुर में 6, रानी में 3, रोहट में 18, सोजत में 11, सुमेरपुर में 8 तालाब ही पूर्ण हो पाए हैं। जबकि, बाली में 2, रानी में 2, रोहट में 1, सोजत में एक तालाब पर तो काम भी शुरू नहीं हो पाया। अभी भी बाली में 29, देसूरी में 21, जैतारण में 22, मारवाड़ जंक्शन में 27, पाली में 14, रायपुर में 18, रानी में 22, रोहट में 8, सोजत में 27 व सुमेरपुर में 21 तालाबों के काम अधूरे पड़े हैं।
जल्द पूरे करवाएंगे कार्य
हां, ये बात तो सही है कि मॉडल तालाब के काम जिले में कुछ अधूरे पड़े हैं। उन कार्यों को जल्द ही पूरा करवा दिया जाएगा। वैसे मुझे यहां कार्यभार संभाले भी ज्यादा समय नहीं हुआ है। –राजपालसिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद पाली