
इ-मित्र : यहां तो भत्ते से पहले ही बेरोजगारों को लूट रहे
पाली. इ-मित्र आम आदमी की सुविधा के लिए हैं या उसे लूटने के लिए? ये सवाल आज कल हर किसी के जेहन में उमड़ रहा है। खासतौर से वे बेरोजगार तो रोजाना लूट के शिकार बन रहे हैं जिन्हें अक्सर किसी न किसी काम के लिए इ-मित्र केन्द्रों की चौखट पर जाना पड़ रहा है। जिलेभर में संचालित इ-मित्र सेवा केन्द्र जिला प्रशासन के नियंत्रण से दूर होकर आजमन को मनमर्जी से लूट रहे हैं। दरअसल, राज्य के बेरोजगारों को संबल देने के लिए राज्य सरकार ने जब से बेरोजगारी भत्ता बढ़ा कर मार्च से लागू करने की घोषणा की, तभी से इ-मित्र केन्द्रों पर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए बेरोजगारों की भीड़ उमडऩे लगी है। लेकिन, शहर के कई इ-मित्र संचालक मनमाने तरीके से निर्धारित शुल्क से कई गुणा अधिक शुल्क बेरोजगारों से वसूलने में लगे हैं। कुछ बेरोजगार युवकों की शिकायत पर पत्रिका टीम ने शहर के कुछ इ-मित्र केन्द्र खंगाले। जहां किसी ने 700 रुपए तो किसी ने 300 रुपए तो किसी ने 200 रुपए शुल्क मांगा। जबकि बेरोजगारी भत्ते के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने का शुल्क 40 रुपए व दस्तावेज अपलोड करवाने का शुल्क 55 से 60 रुपए है।
किसी ने मांगे 700 तो किसी ने मांगे 300 रुपए
पत्रिका टीम शनिवार दोपहर को बांगड़ कॉलेज के सामने स्थित इ-मित्र केन्द्र पहुंची। बेरोजगारी भत्ते के लिए रजिस्टे्रशन करवाने का शुल्क पूछा तो वहां कार्यरत युवक ने बताया कि 200 रुपए लगेंगे। फिर दस्तावेज अपलोड करवाने का 500 रुपए अलग से शुल्क मांगा। जबकि सरकार की ओर से इन दोनों कार्यों का निर्धारित शुल्क 100 से 110 रुपए तक ही है। इसके बाद पत्रिका टीम नहर पुलिया से अम्बेडकर सर्कल की तरफ जाने वाले मार्ग पर रवाना हुई। इस मार्ग पर स्थित एक इ-मित्र संचालक ने बड़ी ही शालीनता से बात की। बेरोजगारी भत्ते के लिए रजिस्टे्रशन करवाने का शुल्क पूछा तो युवक ने कहा 200 रुपए लगेंगे। इसके बाद पत्रिका टीम शेखावत नगर पहुंची वहां एक इ-मित्र केन्द्र पर युवती बेठी थी। उससे भी रजिस्ट्रेशन शुल्क पूछा तो उसने कहा कि 200 रुपए लगेंगे। लेकिन अभी सर्वर डाउन है इसलिए रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा।
राज्य सरकार ने हाल ही में बढ़ाया बेरोजगारी भत्ता
महंगाई के इस जमाने में बेरोजगार युवाओं को राहत देने के लिए राज्य ने बेरोजगार युवकों का भत्ता बढ़ाकर तीन हजार किया तथा बेरोजगार युवतियों का भत्ता बढ़ाकर ३५०० रुपए करने की घोषणा की। जो एक मार्च 2019से लागू होगा। पूर्व में बेरोजगार युवकों को 600व युवतियों को 750 बेरोजगारी भत्ता दिया जाता था। इस घोषणा के बाद इ-मित्र केन्द्रों पर बेरोजगारी भत्ते के लिए रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन करने वाले युवकों की संख्या बढ़ गई है। लेकिन शहर के कई मित्र संचालक युवाओं से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं।
700 रुपए लिए
बेरोजगारी भत्ते के लिए इ-मित्र पर रजिस्टे्रशन करवाने एवं फॉर्म अपलोड करवाने गया था। जहां मुझ से 700 रुपए लिए गए। बाद में मुझे मामलू हुआ कि इसका शुल्क तो काफी कम है। इसको लेकर जिला कलक्टर से शिकायत करूंगा।
प्रकाश सागर, बालेलाव
शिकायत मिलने पर करेंगे कार्रवाई
निर्धारित शुल्क से ज्यादा कोई ई-मित्र संचालक राशि वसूलता है तो गलत है। शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई जरूर करेंगे।
राजेशकुमार चौधरी, उपनिदेशक सूचना एवं प्रौद्योगिक संचार विभाग, पाली
Published on:
10 Feb 2019 07:05 am
