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डिजीटल साक्षर कर विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने वाली इ-सखी को मिलेगी ये सौगात….

-डीओआईटी व सांख्यिकी विभाग ने आईटी ज्ञान केन्द्रधारकों को पढ़ाया डिजिटल साक्षरता का पाठ  
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पाली

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Rajeev Dave

Jun 06, 2018

पाली . राज्य सरकार की ओर से संचालित ई-सखी परियोजना के तहत आमजन में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के मकसद से जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आईटी ज्ञान केन्द्र संचालकों को डिजिटल साक्षरता के जरूरी पाठ पढ़ाए गए। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग तथा आर्थिक व सांख्यिकी विभाग की साझा मेजबानी में जिला परिषद सभागार में आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के पहले दिन राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं में मिलने वाले फायदों व नवाचारों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के उपनिदेशक राजेश कुमार चौधरी, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक हरीशचन्द्र पारीक, समाज कल्याण विभाग से ज्योति प्रकाश अरोड़ा, पशुपालन विभाग से डॉ. चक्रधारी गौतम व कृषि विभाग से अशोक राजपुरोहित ने अपने विभागों की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान राज्य सरकार की योजनाओं, ई-मित्र, ई-मित्र प्लस, भामाशाह, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, पालनहार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राजस्थान सम्पर्क व ई-पीडीएस की जानकारी पावर पॉइंट व वीडियो प्रजेन्टेशन के माध्यम से दी गई।
हर गांव में होंगी ई-सखी

इस प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षाणार्थी अपने क्षेत्र के प्रत्येक गांव से 4 से 5 तथा शहरी/उपनगरीय क्षेत्रों में प्रत्येक वार्ड से 10 ई-सखियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित करेंगे। चयनित ई-सखी अपने क्षेत्र के प्रत्येक परिवार के कम से कम एक सदस्य को डिजिटल साक्षर कर विभिन्न योजनाओं की जानकारी देगी। चयनीत ई-सखी की योग्यता व आयु सीमा 18 से 35 वर्ष, 12वीं कक्षा, डिजिटल साक्षर व स्मार्ट फोनधारक आवश्यक हैं। चयनित ई-सखी को जिला, पंचायत व ग्राम पंचायत पर आयोजित होने वाले राजकीय कार्यक्रमों में विशिष्ट रूप से आमंत्रित किया जाएगा। कार्य की गुणवत्तानुसार उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। राज्य में सर्वोत्तम ई-सखी को ‘कॉफी विद सीएम‘ जैसे कार्यक्रमों में भी आमंत्रित किया जाएगा। बुधवार को प्रशिक्षणार्थी विभिन्न माध्यमों से प्रस्तुतिकरण देंगे। उत्कृष्ट प्रस्तुतिकरण देने वाले प्रशिक्षणार्थी व समूह को जिला कलक्टर पुरस्कृत करेंगे।