
- पाली जिले के सुमेरपुर के परीक्षा केन्द्र पर परीक्षक की मनमानी केन्द्राधीक्षक का कहना, हमने नौ कॉपी दी
पाली। दसवीं की बोर्ड परीक्षा में परीक्षक अपनी मनमानी चला रहे हैं। इसका खामियाजा गुरुवार को दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा। कई विद्यार्थियों के दो से तीन सवाल तक छूट गए। हुआ यूं कि सुमेरपुर स्थित चेतन विद्या मंदिर स्कूल में दसवीं कक्षा के गणित का प्रश्न पत्र देने के लिए 153 में से 149 बच्चे पहुंचे। परीक्षा के दौरान बच्चों ने उत्तर पुस्तिका के अंतिम पेज (जिस पर रफ कार्य करने की छूट होती है) पर पेन के बजाय पेंसिल से सवालों की जोड़-बाकी की। कॉपी पूरी भरने पर परीक्षक से पूरक उत्तर पुस्तिका देने का आग्रह किया, लेकिन परीक्षक ने बच्चों की मुख्य उत्तर पुस्तिका पर पेङ्क्षसल से किया रफ कार्य देखकर उनको कॉपी देने से मना कर दिया। बच्चों को डाटा और उनसे रबर से रफ कार्य साफ कर प्रश्न हल करने का फरमान सुना दिया। इस कारण कई बच्चों के दो से तीन सवाल छूट गए। हालांकि इसकी जानकारी केन्द्राधीक्षक को मिलने पर उन्होंने परीक्षक को ऐसा करने से मना किया और कुछ बच्चों को कॉपी उपलब्ध करवाई।
जिला अधिकारियों के पास पहुंची शिकायत
पूरक उत्तर पुस्तिकाएं बच्चों को नहीं देने की शिकायत जिला अधिकारियों के पास पहुंची। इस पर उन्होंने तुरन्त केन्द्राधीक्षक से इस बारे में बात की। इस पर केन्द्राधीक्षक ने सफाई देते हुए अधिकारियों को नौ बच्चों को पूरक उत्तर पुस्तिका देने की बात की। उनका कहना था कि परीक्षक ने बच्चों ने मुख्य उत्तर पुस्तिका पूरी भरी है या नहीं यह जांचा था। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाएं दी थी।
कॉपी देखकर दूसरी कॉपी दी
किसी अध्यापक ने बच्चों कॉपी देने से इनकार नहीं किया। अध्यापक ने पहले बच्चों की कॉपी जांची थी कि उसने पूरी कॉपी भरी या नहीं। इसके बाद नई कॉपी उपलब्ध करवाई। हमने नौ कॉपी दी थी। -सोहनलाल, केन्द्राधीक्षक व प्रिंसिपल कोटड़ा स्कूल
केन्द्रधीक्षक से बात की
बच्चों को कॉपी उपलब्ध नहीं कराने के मामले की जानकारी मिलने पर केन्द्राधीक्षक से हमने बात की थी। उन्होंने केन्द्र पर नौ कॉपी देने की बात कही। ये भी कहा कि कॉपी भरने की जांच करने के बाद कॉपी दी गई। -संजय परिहार, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, पाली
Updated on:
23 Mar 2019 01:00 pm
Published on:
23 Mar 2019 01:00 pm
