4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पोषाहार में खिला रहे ऐसे गेहूं का आटा जिसे मवेशी भी नहीं खाते

जाणा सरकारी स्कूल में पोषाहार में सड़ा गेहूं उपयोग में लेने पर ग्रामीण भडक़े
less than 1 minute read
Google source verification

पाली

image

Rajeev Dave

Nov 15, 2019

पोषाहार में खिला रहे ऐसे गेहूं का आटा जिसे मवेशी भी नहीं खाते

पोषाहार में खिला रहे ऐसे गेहूं का आटा जिसे मवेशी भी नहीं खाते

सुमेरपुर (निसं). समीपवर्ती जाणा गांव के सरकारी स्कूल में बच्चों को सडे गेहूं से बना पोषाहार खिलाने का मामला सामने आया है। जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने संस्थाप्रधान को लताड़ लगाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार राजकीय प्राथमिक विद्यालय जाणा में पोषाहार में उपयोग लिए जाने वाला गेहूं चक्की पर पिसने के लिए भेजा था। जहां गेहूं सड़े हुए देखते ही उसने पीसने से मना कर दिया और मामले की जानकारी ग्रामीणों को दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने रोष जताते हुए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सूचना दी। सडे गेहूं देखकर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मोहनलाल सोनी व एसीबीईओ गोरधनसिंह राजपुरोहित ने संस्थाप्रधान को बुलाकर लताड़ लगाई। अधिकारियों ने पोषाहार कक्ष का भी अवलोकन किया और गहरी नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने संस्थाप्रधान पर पोषाहार का गेहंू बेचने की शिकायत लिखित में करते हुए कार्रवाई की मांग की।

अधिकारी ने बताया
ग्रामीणों की ओर से जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचा। मैन्यु की जांच करने पर चावल की खिचड़ी की बारी थी। विद्यालय के पोषाहार कक्ष में गेहंू की जांच की तो गेहंू सड़ा हुआ मिला। संस्थाप्रधान को सड़े गेहूं उपयोग में नहीं लेने की चेतावनी दी है। साथ ही संस्थाप्रधान के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मोहनलाल सोनी, सीबीईओ, ब्लॉक मुख्य शिक्षा कार्यालय, सुमेरपुर
संस्थाप्रधान ने कहा

आगे से जैसी सप्लाई आती है वैसे ही हम उपयोग में लेते हैं। हालांकि सडे गेंहू को उपयोग में नहीं लेते हैं। भविष्य में ऐसी शिकायत नहीं आने दी जाएगी।
भंवरलाल मीणा, संस्थाप्रधान, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जाणा