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खेल-खलिहानों में मुरझाई फसलें रिमझिम फुहारों से फिर लहलहा उठी

- इंद्र की मेहर: तीन दिन से हो रही रिमझिम बारिश से फसलों को राहत
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Frozen crops in the sports potholes again fluttered

खेल-खलिहानों में मुरझाई फसलें रिमझिम फुहारों से फिर लहलहा उठी

पाली। जिलेभर में पिछले तीन दिनों से हो रही रिमझिम बारिश से खेल-खलिहानों में मुरझाई फसलें फिर से लहलहाने लग गई है। इस बारिश से खरीफ की फसलों को काफी राहत मिली है। मूंग, मोठ, बाजरा ग्वार तिल व ज्वार की फसलें काफी हद तक अच्छी हो जाएगी। हालांकि पांच तहसीलों में बारिश 20 से 44 एम.एम. तक हुई। इन तहसीलों में तो फसलें ठीक हो जाएंगी। लेकिन, शेष जगहों पर बारिश कम हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रिमझिम व बंदाबांदी होने पर पानी सीधा जमीन में उतरता है, जिससे फसलों को ज्यादा फायदा मिलता है। जिले में अभी तक औसत 285 एम.एम. बारिश हो चुकी है। बाढ़ नियत्रंण कट्रोल रूम के मुताबिक मारवाड़ जंक्शन में 44, देसूरी में 27, जैतारण में 26, रायपुर में 22, सोजत में 21, रानी में 15, पाली में 15, रोहट में 12, सुमेरपुर में 14 व बाली में 10 एम.एम. बारिश दर्ज की गई।

इधर, रबी की उम्मीद
पिछले तीन दिनों से मानसून सक्रिय होने से किसानों को रबी फसल की भी उम्मीद बंधी है। रबी फसल के लिए खेतों की सफाई कर रहे हैं। मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में किसान रबी की फसलों की खेतों की जुताई करने में जुट गए हैं। बाली, देसूरी, सुमेरपुर व मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में किसानों के कृषि कुंओं में पानी है। जिन किसानों के कुओं में पानी है। वहां पर रबी की फसल बुवाई होगी
इस बार 6 लाख 15 हजार हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य था। उसके मुकाबले 5 लाख 59 हजार हैक्टेयर भूमि में ही बुवाई हुई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मूंग 2 लाख 46143, तिल 65 हजार, ज्वार 1 लाख 5520, बाजरा 35 हजार 186, अरण्डी 1260, ग्वार 38 हजार 349, कपास 14 हजार 157, मक्का की 11 हजार 101 हैक्टेयर में बुवाई हुई है।

किसानों की फसलों को राहत
मंूग, बाजरा, ज्वार में बहुत ही कम पानी की आवश्कता होती है। तीन दिनों से 20 से 44 एम.एम. बारिश हुई है। इससे खरीफ की फसलें अच्छी हो जाएगी। अरण्डी, तिल व ग्वार को भी फायदा होगा।
जितेन्द्रसिंह शक्तावत, उपनिदेशक, कृषि विभाग विस्तार पाली