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राज्य पशु बचाने के लिए अब सरकार दे रही ‘इनाम’

-ऊंट के संरक्षण में जुटी सरकार-ऊंट पालकों को 13 लाख 49 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी
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पाली

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Suresh Hemnani

Dec 28, 2018

पाली। साल दर साल राज्य पशु ऊंट की घटती संख्या को देखते हुए सरकार ने ऊंट संरक्षण व संवर्धन को लेकर कवायद शुरू कर दी है। ऊंटों की घटती संख्या को रोकने व ऊंट प्रजनन को बढ़ावा देने की मंशा से राष्ट्रीय कृषि विकास योजनांतर्गत ऊंट विकास योजना में टोडियां (ऊंट का बच्चा) पर 10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। पिछले तीन सालों में 179 ऊंट पालकों को 13 लाख 49 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। वर्ष 2012 पशु गणना के अनुसार जिले में 8 हजार 707 ऊंट है।

सर्रा रोग को लेकर लगेंगे शिविर
पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ऊंटों में गल्तियां (सर्रा) रोग होता है। इससे ऊंट की मौत हो जाती है। सर्रा रोग में ऊंट के शरीर में खून की कमी हो जाती है। जिससे उसको भूख नहीं लगती है। साथ ही शरीर कमजोर पड़ जाता है। इससे ऊंट की मौत हो जाती है। इसको लेकर पशुपालन विभाग जिलेभर में शिविर लगा रहा है। शिविर में ऊंटों में होने वाली खुजली को लेकर भी इंजेक्शन लगाए जाएंगे। यह बीमारी एक्टोपेरासाइटस से फैलती है। यहां ऊंटों के अंतरपरजीवी का उपचार भी किया जाएगा।

संरक्षण को लेकर विभाग अलर्ट
राज्य पशु ऊंट के संरक्षण व संवर्धन को लेकर विभाग अलर्ट है। पिछले तीन सालों में ऊंट पशुपालकों को 13 लाख 49 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। सर्रा रोग के नियंत्रण को लेकर जिलेभर में शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा। -डॉ. चक्रधारी गौतम, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग पाली

इतनी दी प्रोत्साहन राशि
पशुपालन विभाग के मुताबिक वर्ष 2016-2017 में 166 पशुपालकों को 418 टोडियों पर 12 लाख 54 हजार, वर्ष 2017-2018 में 10 पशुपालकों को 21 टोडियों पर 63 हजार व वर्ष 2018-2019 में 3 पशुपालकों को 8 टोडियों पर 32 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि उनके खातों में जमा कराई गई। पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक टोडियों की 0 से 1 माह की आयु पर 3 हजार, 9 माह की आयु पर 3 हजार व 18 माह की आयु पर 4 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

यहां पर लगेंगे शिविर
पाली तहसील के रूपावास गांव में 3 से 5 जनवरी, रानी के मोखमपुरा में 7 से 9 जनवरी, रोहट के दूदली में 10 से 12 जनवरी, दिवांदी में 17 से 19 जनवरी, मारवाड़ जंक्शन के आसन जोधान में 21 से 23 जनवरी, नाडोल के अन्नजी की ढाणी में 28 से 30 जनवरी तथा बाली के भंदर गांव में 4 से 6 फरवरी को शिविर लगाए जाएंगे।