
सरकार का अजब फरमान, संगीत साहित्य के विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे अर्थशास्त्र और गृह विज्ञान के विद्यार्थी लेंगे भूगोल का ज्ञान
पाली। शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के 173 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में चल रहे विषयों को बदल दिया गया है। पाली, जालोर व सिरोही जिले के 17 स्कूलों में विषयों को बदल दिया गया है। इनमें भी सर्वाधिक विषय जालोर के 12 स्कूलों में बदले गए है। जबकि पाली के दो व सिरोही के तीन स्कूलों के विषयों में बदलाव किया गया है। अब इन अधिकांश स्कूलों में भूगोल, राजनीति विज्ञान व इतिहास विषय पढ़ाया जाएगा। ऐसे में अब पूर्व में संचालित विषय लेकर अध्ययन करने का सपना रखने वाले विद्यार्थियों को भी स्कूल में उपलब्ध विषय ही चुनना होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो यह बदलाव स्कूलों में वर्तमान में चल रहे विषयों में छात्र संख्या कम होने या अध्यापकों की कमी को देखते हुए किया गया है।
पाली के दोनों स्कूल गोडवाड़ के
पाली में विषय बदलने वाले दोनों स्कूल गोडवाड़ क्षेत्र के है। इनमें से एक स्कूल सुमेरपुर का राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय है। जहां संगीत साहित्य विषय के स्थान पर अब अर्थशास्त्र पढ़ाई जाएगी। दूसरा स्कूल देसूरी का राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय है। इसमें गृह विज्ञान के स्थान पर भूगोल का अध्ययन करवाया जाएगा।
पिण्डवाड़ा क्षेत्र के दो स्कूल
सिरोही जिले में पिण्डवाड़ा क्षेत्र के दो स्कूलों के साथ एक शिवगंज क्षेत्र के स्कूल में विषय बदला गया है। पिण्डवाड़ा के स्वरूपगंज स्थित राउमावि में उर्दू की जगह संस्कृत और राउमावि अचपुरा में समाजशास्त्र की जगह राजनीति विज्ञान का अध्ययन कराया जाएगा। शिवगंज के रोवाड़ा स्थित राउमावि में लोकप्रशासन की जगह हिन्दी साहित्य पढ़ाया जाएगा।
इतिहास व राजनीति पर जोर
जालोर के चितलवाना क्षेत्र के बीजाजी आदर्श राउमावि केरिया स्कूल में संस्कृत साहित्य की जगह राजनीति विज्ञान, सायला के आदर्श राउमावि दादाल स्कूल में चित्रकला की जगह इतिहास का अध्ययन कराया जाएगा। इसी तरह राउमावि रायपुरिया में अर्थशास्त्र की जगह भूगोल, राउमावि डूडसी में लोकप्रशासन की जगह राजनीति विज्ञान, सांचौर क्षेत्र के सरनाऊ स्थित राउमावि में समाजशास्त्र की जगह इतिहास, भीनमाल के नांदिया स्थित राउमावि में भूगोल की जगह इतिहास, सायला के मेंगलवा स्थित राउमावि में संस्कृत साहित्य की जगह हिन्दी साहित्य पढ़ाया जाएगा। जबकि आहोर के काम्बा स्थित राउमावि में राजस्थानी साहित्य की जगह राजनीति विज्ञान, जालोर के राबाउमावि शिवाजी नगर में समाजशास्त्र की जगह भूगोल, आदर्श राउमावि आकोली में समाजशास्त्र की जगह इतिहास, सांचौर के आदर्श राउमावि अरणाय में समाजशास्त्र की जगह संस्कृत साहित्य तथा भीनमाल के राउमावि जुनी बाली में उर्दू साहित्य की जगह अंग्रेजी साहित्य पढ़ाया जाएगा।
संस्था प्रधानों को दिए निर्देश
स्कूलों में विषय बदल दिए गए है। इस बारे में संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए है। अब पुराने विषय के स्थान पर नए विषय में प्रवेश के लिए भी कहा गया है।
महेन्द्र नानीवाल, सहायक निदेशक, पाली मण्डल
Published on:
07 Jul 2019 07:02 am
