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हर साल ३१ प्रतिशत मौत हृदय रोग से, गांवों में भी डरा रहा हार्ट अटैक

विश्व हृदय दिवस आज पाली में पिछले आठ माह में ८५१ मरीज आइसीयू में भर्ती
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हर साल ३१ प्रतिशत मौत हृदय रोग से, गांवों में भी डरा रहा हार्ट अटैक

पाली. हृदय रोग लगातार पैर पसार रहा है। जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भी हृदय रोग के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। गांवों में मेहनती जिंदगी के बावजूद यह रोग फैल रहा है, जो ङ्क्षचता का विषय है। पाली के बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पिछले आठ माह में करीब 851 मरीज आइसीयू में भर्ती किए गए। इनमें से 42 मौतें हृदय आघात रोग के कारण हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रतिवर्ष 17.9 मिलियन लोगों को यानी विश्व की मृत्यु का 31 प्रतिशत हिस्सा हृदय रोग व स्ट्रोक से है। 35 वर्ष से भी कम उम्र लोगों में हृदय रोगों व हृदयाघात की संख्या बढ़ रही है।
पाली को चाहिए सुपर स्पेशलिस्ट
मेडिकल कॉलेज चिकित्सकों का कहना है कि हृदय रोग रोकने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य पर कार्य नहीं किया जाता है, पाली में हृदय रोग का सुपर स्पेशलिस्ट नहीं है। एेसे में अधिकांश मरीजों को रैफर किया जाता है। गांवों में चिकित्सकों की कमी से आमजन परेशान है।
आज हृदय रोग विशेषज्ञ आएंगे पाली
पाली. राजकीय मेडिकल कॉलेज पाली एवं मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सुबह आठ से दस बजे तक बांगड़ चिकित्सालय में निशुल्क हृदय जांच शिविर लगेगा। इसमें हृदय रोग से सम्बंधित जांच, ईसीजी, ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रोल, टीएमटी, ईको नि:शुल्क की जाएगी। कॉलेज के प्राचार्य व नियंत्रक डॉ. केसी अग्रवाल ने बताया कि जोधपुर के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि इनाणिया व बच्चों के हृदय रोग के विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु त्यागी भी सेवा देंगे। सुबह दस बजे वे बीमारियों के कारण, बचाव व उपचार के बारे में जानकारी देंगे।

लाखोटिया उद्यान में जागरूकता सेमिनार आज, देंगे जानकारी
पाली. विश्व हृदय दिवस शनिवार सुबह सात बजे लाखोटिया उद्यान में जागरूकता सेमिनार होगी। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पाली सेवा मंडल व पाली सेवा समिति के तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सूर्य सेवाएं देंगे। सेवा मंडल के प्रमोद जैथलिया ने
बताया कि सेमिनार में हृदय रोगों से बचाव और उपचार के बारे में जानकारी देंगे।
हृदयाघात के ये हंै शुरुआती लक्षण
- सीने व छाती में तेज दर्द, भारीपन महसूस होना
- पसीना ज्यादा आना
- घबराहट होना व सांस लेने में तकलीफ
- जी मचलाना, उल्टी व चक्कर आना
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द व जलन से बैचेनी
यूं कर सकते हैं बचाव
- दिनचर्या में बदलाव कर मानसिक तनाव कम करे
- वजन व कॉलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखे
- जंकफूड व वसायुक्त भोजन, मदिरापान और धूम्रपान से परहेज
- रोज एक घंटे व्यायाम व घूमना, साइकिलिंग, आउटडोर गेम, खेलकूद आदि
- खाने में नमक की मात्रा कम करे
- ४० साल से अधिक आयु वाले ब्लड प्रेशर व शुगर नियंत्रित रखे
हृदयाघात आने पर यह करंे सबसे पहले
- मेडिकल हेल्पलाइन पर कॉल करे
- मरीज को सीधा लेटा दें व कपड़े ढीले कर दे
- मरीज को हवा आने की जगह छोड़ दें और उसे लंबी सांस लेने को कहे
- उबकाई आए तो मरीज को उल्टी करने का बोले
- पीडि़त के दोनों पैरों को ऊपर उठा दे, ताकि हृदय तक सप्लाई हो सके
आज यह ले शपथ
विश्व हृदय दिवस शनिवार को मनाया जाएगा। इसको लेकर कई आयोजन भी शहर सहित जिले में होंगे। चिकित्सा विभाग ने इस साल ‘विश्व हृदय दिवस’ पर जागरूकता के लिए ‘मेरा दिल, तुम्हारा दिल’ की थीम रखी है। इसमें अपील की जा रही है कि हर व्यक्ति आज के दिन शपथ लंे कि हम अपने दिल से वादा करे कि एक-दूसरे के हृदय की देखभाल करेंगे। इस रोग को रोकने के लिए बचाव के संकल्प ले।
सुपर स्पेशलिस्ट के लिए लिखेंगे
पाली में हृदय रोग मरीजों को पूरा इलाज मिले, इसके लिए कार्डियोलोजिस्ट के सुपर स्पेशलिस्ट के लिए सरकार को लिखा जाएगा। अन्य सुविधाओं के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. केसी अग्रवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पाली
जागरूक रहे लोग
हृदय रोग पर अंकुश तभी लग सकता है, जब आमजन इसके लिए जागरूक रहे। रोजाना व्यायाम, सात्विक खान-पान, बीपी, शुगर व कोलेस्ट्रोल कंट्रोल करे। गांवों में भी लोगों को जागरूक रहना चाहिए।
डॉ. एचएम चौधरी, आचार्य मेडिसन, बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पाली।ड्ड