
डाकघरों में कैसे दादागिरी करते है कार्मिक पढ़े पूरी खबर...
पाली. डाकघरों में पासपोर्ट बनाने की सेवा शुरू करने की सरकारी मंशा को वहां के कार्मिक पूरा नहीं होने दे रहे हैं। कार्मिक पासपोर्ट या अन्य कार्य से आने वाले लोगों को या तो डांटकर या दूसरे दिन आने का कहकर लौटा देते है। ऐसा ही प्रधान डाकघर में बने पासपोर्ट कार्यालय में पिछले तीन दिन से चल रहा है। इसका शुक्रवार को कुछ लोगों ने विरोध किया।
हुआ यूं कि पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों व पासपोर्ट को रिन्यू करवाने के लिए आवेदन करने वालों को मेल कर डाकघर आने का समय दिया गया था। लोग निर्धारित समय पर आवेदन के दस्तावेज लेकर डाकघर पहुंचे तो वहां बैठे कार्मिक ने अगले दिन आने का कह दिया। ऐसे में ब्यावर, जालोर व पीसांगन के साथ अन्य शहरों से आए लोगों ने गर्मी में बार-बार आने में परेशानी होने की बात कही। वहां कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने लगातार दूसरे व तीसरे दिन आने की बात कही, लेकिन डाक कार्मिकों ने उनकी सुनने के बजाय अधिकारी के पास जाने को कहा। जब वे लोग प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर व अन्य अधिकारी के पास पहुंचे तो उन्होंने कह दिया। मेरे से बात करने की जरूरत नहीं है आप तो पासपोर्ट कार्यालय में चले जाए।
बच्चे को किया मना
ब्यावर से अपने बेटे का पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए जयसिंह राजपुरोहित आए थे। उन्होंने खुद डाकघर आने के बजाय बेटे को आवेदन देकर आने को कह दिया। उनको सुबह 9.45 बजे आने का समय दिया था। तय समय पर पहुंचने पर भी उनके बेटे को लौटने को कह दिया गया। उसके बार-बार नहीं आने का कहने पर डांट लगा दी। इस पर उसने पिता को बुलाया तो राजपुरोहित ने पोस्टमास्टर से बात की। उन्होंने हंगामा होते देख पहले तो कार्मिक के बीमार होने की बात कही। इसके बाद सिरोही से कार्मिक बुलाने की और अंत में बीमार कार्मिक को बुलाकर कार्य करवाया।
आइडी की समस्या आ रही थी
पासपोर्ट कार्यालय में तीन कार्मिक लगे हुए है। इनमें से एक कार्मिक एक दिन पहले अचानक बीमार हो गया था। इस कारण यह समस्या आ रही थी। हमने बीमार कार्मिक को बुलाकर बाद में पासपोर्ट आवेदन का कार्य करवाया।
जैपाराम, पोस्टमास्टर, पाली
Published on:
08 Jun 2019 06:00 am
