
अवैध कारोबार : रात भर नदियां कर रहे छलनी, पाली से सीकर व झुंझुनूं पहुंच रही बजरी
- पाली जिले के जैतारण के आसरलाई व मोहराई से रोजाना रात में भरे जाते हैं डम्पर
- मेड़ता के रास्ते से भेजे जाते हैं शेखावटी
- पुलिस, प्रशासन व खनन विभाग की चुप्पी
पाली/रायपुर मारवाड़। जिले के रोहट के कलाली में अवैध बजरी खनन कम होने के बाद अब जैतारण में सबसे बड़ा बजरी खनन माफिया पनप गया है। ट्रेलर के माध्यम से जैतारण उपखण्ड क्षेत्र के आसरलाई व मोहराई की बजरी को सीकर व झुंझुनूं में बेचा जा रहा है। राजनीतिक संरक्षण के चलते पुलिस, प्रशासन व खनन विभाग ने चुप्पी साध रखी है। रोजाना रात को इन दोनों गांवों की नदियों से बड़ी मात्रा में ट्रोले में बजरी लाद कर भेजी जा रही है।
जैतारण थाना क्षेत्र के आसरलाई व मोहराई में दिन ढलते ही सीकर व झुंझुनूं से आधा दर्जन से अधिक ट्रोले व ट्रेलर पहुंच जाते है। नदी में आधुनिक मशीनें व बुलडोजर पहले से तैयार रहते है। ट्रोले में बजरी लादने के बाद उसे तिरपाल से ढक दिया जाता है। इसके बाद ये ट्रोले जैतारण से मेगा हाइवे होते हुए लांबिया होकर मेड़ता से सीकर व झुंझुनूं निकल जाते है। जबकि दो दर्जन से अधिक डम्पर में बजरी लाद कर इन्हें फोरलेन के रास्ते ब्यावर भेजे जा रहे है। जैतारण, रास, सेंदड़ा व आनंदपुर कालू के चार थानों की पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती।
लाखों की कमाई, माफिया सक्रिय
नदी से खनन माफिया बजरी भरवाता है। खननकर्ताओं द्वारा प्रति ट्रोले का 20 से 25 हजार रुपए लिए जाते हैं। जबकि प्रति डम्पर से पांच हजार रुपए वसूलते हैं। ट्रोले में भरी बजरी सीकर व झुंझुनंू में 90 हजार रुपए में बेची जाती है। यह माफिया पुलिस, खनन विभाग, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के सम्पर्क में रहता है।
कलक्टर के आदेश भी नहीं चलते
जिला कलक्टर दिनेशचंद जैन ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी बजरी खनन के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दे रखे है। लेकिन जैतारण एसडीएम व तहसीलदार ने कार्रवाई नहीं करते। जैतारण, आनंदपुर कालू, रास थाने में खनन जमकर हो रहा है, लेकिन मौके पर कोई नहीं जाता। खनिज विभाग भी इस अवैध कारोबार को रोकने की बजाय मौन धारण किए हुए है।
शिकायतें मिली, कार्रवाई करेंगे
आसरलाई, मोहराई व रास क्षेत्र में बजरी का अवैध धंधा बंद करवाएंगे। इसकी शिकायतें मिली है। सभी एसएचओ को इस बारे में निर्देशित किया जाएगा। मिलीभगत वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - सुरेश कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, जैतारण सर्कल, पाली।
Updated on:
23 Apr 2019 03:37 pm
Published on:
23 Apr 2019 03:31 pm
