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आइटीओ के घर से मिली छह सौ ग्राम अफीम के मामले में तीसरे दिन भी नहीं हुई किसी की गिरफ्तार

संशय: आय से अधिक सम्पत्ति की जांच के दौरान अफीम बरामदगी का मामला
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पाली

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Suresh Hemnani

Dec 21, 2018

Income tax officer's house found Opium In Pali

आइटीओ के घर से मिली छह सौ ग्राम अफीम के मामले में तीसरे दिन भी नहीं हुई किसी की गिरफ्तार

पाली/जोधपुर। आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में आयकर अधिकारी के पाली में राजेन्द्र नगर विस्तार स्थित मकान की सीबीआइ की तलाशी के दौरान मिली छह सौ ग्राम अफीम के मामले में पुलिस तीसरे दिन भी किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई।

सीबीआइ सूत्रों का दावा है कि मकान आइटीओ जवानसिंह के नाम है और अफीम की बरामदगी उसकी से हुई थी। ऐसे में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के हिसाब से दोनों आरोपी बन सकते हैं। वहीं, पाली पुलिस अभी तक मकान के मालिकाना हक पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाई है। सीबीआइ का कहना है कि आरोपी का पैतृक गांव खारी कलां के आस-पास का क्षेत्र मादक पदार्थ सेवन के लिए कु यात है। ऐसे में उम्मीद थी कि आइटीओ भी अफीम का सेवन करता होगा और उसके ठिकानों से मादक पदार्थ मिल सकता है। जांच में सीबीआई को नगदी तो नहीं मिली, लेकिन पाली में मकान से छह सौ ग्राम अफीम बरामद हो गई थी।

36 घंटे पूछताछ के बाद छोड़ा
जांच कर रहे कोतवाली थाना प्रभारी गंगाराम खावा ने 36 घंटे की पूछताछ के बाद आइटीओ चारण को छोड़ दिया। उनका कहना है कि जांच में जिसकी भूमिका सामने आएगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीबीआइ व पुलिस के अलग तर्क
सीबीआई ने गत 18 दिसम्बर को आइटीओ जवानसिंह के जालोर, पाली और जोधपुर के खारी कलां गांव स्थित ठिकानों की तलाशी ली थी। इस दौरान पाली के राजेन्द्र नगर विस्तार स्थित मकान की अलमारी से छह सौ ग्राम अफीम मिली थी। इस मकान में आइटीओ की पत्नी व परिवार रहता है। सीबीआइ का यही भी दावा है कि मकान आइटीओ का है। जबकि पाली के औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस का कहना था कि मकान बंद था। सीबीआइ ने पत्नी से चाबी मंगवाकर मकान की तलाशी ली थी। तीन दिन बाद भी पुलिस यह पता नहीं कर पाई है कि मकान आइटीओ के नाम है या पत्नी के?

स्टेनोग्राफर से बना आइटीओ
जालोर स्थित आयकर विभाग में पदस्थापित आइटीओ जवानसिंह चारण ने बतौर स्टेनोग्राफर नौकरी की शुरूआत की थी। वह पदोन्नत होते-होते आयकर निरीक्षक से आयकर अधिकारी बन गया।

समय नहीं लगना चाहिए
‘अफीम बरामदगी के मामले में मकान का मालिकाना हक जानने में समय नहीं लगना चाहिए। मादक पदार्थ बरामदगी में जो भी साक्ष्य सामने आए हैं। उसी के तहत कार्रवाई भी होगी। आरोपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।’ -राहुल प्रकाश, पुलिस अधीक्षक, पाली।