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जिले में एक-एक हजार रुपए में बिक रही हैं लाइसेंसधारी बंदूकें

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जिले में एक-एक हजार रुपए में बिक रही हैं लाइसेंसधारी बंदूकें

जिले में एक-एक हजार रुपए में बिक रही हैं लाइसेंसधारी बंदूकें

श्याम शर्मा

रायपुर मारवाड. लोकसभा चुनाव से पहले मारवाड़ इलाके में लाइसेंसशुदा टोपीदार बंदूकें एक-एक हजार रुपए में बिकना शुरू हो गई है। एेसे मामले सामने आने के बाद पुलिस की नींद उड़ी हुई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने भी पुलिस को रिकॉर्ड उपलब्ध करवाकर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, फसल रखवाली के लिए क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने एसडीएम कार्यालय के जरिए देशी टोपीदार बन्दूक के लाइसेंस लेकर बन्दूक खरीद रखी है। इस बन्दूक का उपयोग वे धमाके कर मवेशियों व नील गाय को खेतों से खदेडऩे के लिए करते आ रहे हैं। लाइसेंस धारक की मौत के बाद उनके परिजनों को लाइसेंस सहित बन्दूक को सम्बन्धित पुलिस थाने में जमा कराना होता है। लेकिन अधिकाश परिजन ऐसा नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग बन्दूक को बेच रहे हैं। जबकि कई परिवार उसी बन्दूक का स्वयं उपयोग कर रहे है। जो गैर कानूनी है।


लाइसेंसशुदा दो बंदूकें बिकी तो उड़ी नींद
पिछले माह अवैध हथियार की धरपकड़ को लेकर पुलिस ने अभियान शुरू किया। पुलिस ने बीस दिन में दो जनों को गिरफ्तार कर दो बंदूके जब्त की। इनमें धूलकोट निवासी भागीरथ नट अपने पिता की मौत के बाद बन्दूक का उपयोग स्वयं कर रहा था। जबकि बांसिया निवासी धनाराम वाल्मीकि ने हजार रुपए में बन्दूक खरीदी थी।


हजार रुपए में बन्दूक
धनाराम से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि पड़ोसी गांव के युवक ने उसे एक हजार रुपए में बन्दूक बेची थी। इस बन्दूक की मरम्मत करवा इसने उपयोग शुरू कर दिया।

नहीं तो भी अवैध
देशी टोपीदार बन्दूक लाइसेंस का एसडीएम द्वारा दो साल के अंतराल में रिनिवल किया जाता है। रिनिवल नहीं होने पर भी वह बन्दूक अवैध मानी जाती है। पुलिस ऐसी बन्दूक को जब्त कर लाइसेंस धारक को गिरफ्तार भी कर सकती है। लाइसेंस धारक की मौत के बाद भी उनके परिजन बन्दूक का उपयोग कर रहे है तो वह गैर कानूनी है। जबकि बन्दूक को बेच देना गंभीर अपराध है। मैंने रायपुर मारवाड़, रास व सेंदड़ा थानाप्रभारी को ऐसी बन्दूक जब्त करने के साथ ही बगैर रिनिवल के बन्दूक उपयोग करने वालो को भी गिरफ्तार करने के निर्देश दिए है।
भंवरलाल जनागल, एसडीएम रायपुर

लाइसेंसधारी बंदूक बिकना सामने आया, हमने अभियान कर दिया है शुरू
&लाइसेंस धारक की मौत के बाद परिजनों द्वारा बन्दूक बेचने की हकीकत सामने आई है। साथ ही कुछ लाइसेंस धारक की मौत के बाद उनके परिजन बन्दूक का उपयोग कर रहे हैं। लाइसेंस धारकों के रिकॉर्ड की पड़ताल कर ऐसे लोगो के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। इसे लेकर पुलिस पूरी तरह से सतर्क है।
सुरेश चौधरी, थानाप्रभारी रायपुर मारवाड़।