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सांझ ढलते ही यहां आने को घरों से निकल पड़ते है पालीवासी

परवान पर मेला, खरीदारी के लिए उमड़ रहे शहरवासी - अणुव्रत नगर में आयोजित हो रहा राजस्थान पत्रिका हस्तशिल्प मेला - आज भी कूपन लाने पर उपहार में मिलेगी ब्यूटीक्रीम
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पाली

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Rajeev Dave

Dec 05, 2018

pali news

सांझ ढलते ही यहां आने को घरों से निकल पड़ते है पालीवासी

पाली. राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित किए जा रहे पश्चिम राजस्थान से सबसे बड़े हस्तशिल्प मेला दिनों दिन परवान चढ़ता जा रहा है। बुधवार को मेले में खरीदारों की खासी भीड़ रही। मेले में शहरवासी अपनी जरूरत का सामान खरीदते नजर आए। महिलाएं अपने लिए सौन्दर्य सामग्री, घेरलू सामान व बच्चों के लिए गर्म कपड़े खरीदती नजर आई तो युवा अपने लिए लेटेस्ट डिजाइन के कपड़े खरीदने में व्यस्त दिखे। मेले में सांरगपुर फर्नीचर की खरीदारी पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसको लेकर भी शहरवासियों में खासा उत्साह है।

आकर्षक का केन्द्र रहा भूत बंगला

मेले में पहली बार भूत बंगला बनाया गया। जो बच्चों सहित बड़ों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र रहा। दस मिनट के भूत बंगले का रोमांच से भरा सफर तय करने में बच्चों के साथ बड़ों को भी भा रहा है। भूत बंगला मेलार्थियों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

मन को भाए झूले
मेले में ब्रेकडांस, कोलम्बस, ड्रेगन, कटर पिल्लर सहित छोटे बच्चों के लिए जीप, कार, बोन्सी, मिक्की माउस झूले लगे हुए है। शहरवासी खरीदारी संग मेले में बच्चों सहित झूला झूलने का आनंद भी लेते नजर आए। फूड जोन में भी शहरवासी मुम्बई की भेलपुरी, दिल्ली के छोले कुल्चे, चाऊमीन, बर्गर, आइसक्रीम, इडली सांभर, डोसा, पावभाजी, अजमेर की कढ़ी कचोरी आदि व्यंजनों का स्वाद चखते नजर आए।

कूपन लाने पर उपहार में मिलेगी ब्यूटीक्रीम

राजस्थान पत्रिका के गुरुवार के अंक में प्रकाशित कूपन साथ लाने वाले मेलार्थियों को उपहार स्वरूप पालवैदिक ब्यूटीक्रीम निशुल्क दी जाएगी। बुधवार को भी सैकड़ों शहरवासी कूपन लेकर मेले में पहुंचे। जिन्हें पालवैदिक ब्यूटीक्रीम उपहार में दी गई।

सर्दी भी नहीं रोक पाई
इस पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े हस्तशिल्प मेले के प्रति शहरवासियों के साथ ग्रामीणों में भी उत्साह है। मेले में शाम को सर्दी का असर बढऩे के बावजूद बड़ी संख्या में मेलार्थी उमड़े। उन्होंने पहले तो मेले की हर स्टॉल पर सजे सामान को निहारा। इसके बाद उन्होंने व्यंजनों का लुत्फ उठाया। बच्चों ने झूलों का आनन्द लिया। इसके बाद मनपसंद वस्तुओं की खरीदारी की।