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राजस्थान के प्रवासी मजदूरों का कोई धणी-धोरी नहीं, सरकार के साथ आईएएस-आईपीएस ने भी खिंचे हाथ

- सरकार ने नियुक्त अलग-अलग राज्यों के प्रवासियों के लिए लगाए 26 आईएएस-आईपीएस, लेकिन अधिकांश अधिकारियों के मोबाइल बंद- कोई जवाब नहीं दे रहा तो किसी का रवैया ठीक नहीं, बॉर्डर पर फंसे हैं मजदूर
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पाली

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Suresh Hemnani

May 09, 2020

राजस्थान के प्रवासी मजदूरों का कोई धणी-धोरी नहीं, सरकार के साथ आईएएस-आईपीएस ने भी खिंचे हाथ

राजस्थान के प्रवासी मजदूरों का कोई धणी-धोरी नहीं, सरकार के साथ आईएएस-आईपीएस ने भी खिंचे हाथ

पाली। बाहरी राज्यों में रहने वाले राजस्थान के प्रवासी मजदूरों [ Migrant labors of Rajasthan ] का कोई धणी-धोरी नहीं है। राजस्थान सरकार ने पहले तो इन प्रवासियों के लिए पास जारी किए, अब हजारों प्रवासी मजदूर बॉर्डर पर फंसे हुए हैं, इधर, सरकार ने इन प्रवासियों को घर लाने में उनकी सहायता के लिए जो 26 आईपीएस व आईएएस लगाए, उन्होंने भी हाथ खिंच लिए है। इन अधिकारियों के जो मोबाइल नम्बर सरकार ने विज्ञापन कर जारी किए, इनमें से अधिकांश मोबाइल नम्बर बंद आ रहे हैं, जो चालू है, वे रिसीव नहीं कर रहे हैं, जो रिसीव कर रहे हैं, वे ठीक से जवाब नहीं दे रहे हैं। ऐसे में इन दूसरे राज्यों में फंसे इन मजदूरों की घर आने की आस लगातार टूट रही है।

अधिकारियों का रवैया देख प्रवासियों में निराशा
कोरोना वायरस आपदा के चलते अंतरराज्यीय व अंतर जिला सीमा सील होने के कारण 6 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक विभिन्न प्रदेशों एवं जिलों में अटके हुए हैं। ऐसे श्रमिकों की समस्या के निराकरण के लिए राज्य सरकार ने पिछले दिनों प्रवासी श्रमिकों को अपने घरों तक पहुंचाने का निर्णय किया। इसके लिए सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्टेशन की सुविधा दी है। 26 आईएएस व आईपीएस भी लगाए, इनके मोबाइल नम्बर भी जारी किए। इनको जिम्मेदारी दी कि प्रवासी मजदूर जो राजस्थान आना चाहते है, उनकी सहायता करे और गाइड करे। सरकार ने विज्ञापन जारी कर इनके मोबाइल नम्बर व नाम भी बताए। लेकिन इन अधिकारियों ने मोबाइल नम्बर बंद कर दिए। अब प्रवासी श्रमिक इनसे सम्पर्क भी नहीं कर पा रहे हैं। जिस अधिकारी का नम्बर चालू है, वह रिसीव नहीं कर रहे हैं, किसी का बात करने का तरीका ठीक नहीं है।

एमपी व गुजरात बॉर्डर पर फंसे हुए हजारों प्रवासी
पहले सरकार ने इन प्रवासियों को बुलाने के लिए सम्बंधित जिला कलक्टर से अनुमति जारी कर दी। प्रवासी मजदूर भी विभिन्न साधनों से तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा से राजस्थान के लिए रवाना हो गए, लेकिन अब उन्हें गुजरात व मध्यप्रदेश बॉर्डर पर रोक दिया गया। उन्हें प्रदेश की सीमा में नहीं घुसने दिया जा रहा है। ऐसे में उनकी समस्या बढ़ गई है, इधर, सरकार की ओर से लगाए गए आईएएस व आईपीएस भी जवाब नहीं देर रहे हैं।

अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं
पाली शहर के कई प्रवासी विभिन्न राज्यों में फंसे हुए है, राजस्थान सरकार ने प्रवासियों के लिए जो अधिकारी लगाए है, वे मोबाइल नहीं उठा रहे हैं, कइयों के मोबाइल बंद है। ऐसे में हमारे प्रवासी किससे आस करे। सरकार इन अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करने के निर्देश देने चाहिए।