5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यहां तीन दिन से हड़ताल पर है मजदूर, एसडीएम की वार्ता के बाद भी नहीं माने नेता

www.patrika.com/rajasthan-news
2 min read
Google source verification

पाली

image

Suresh Hemnani

Apr 13, 2019

mill workers strike on three days in pali

यहां तीन दिन से हड़ताल पर है मजदूर, एसडीएम की वार्ता के बाद भी नहीं माने नेता

पाली। अपनी मांगों को लेकर इंटक, एटक सीटू के तत्वावधान में पिछले तीन दिनों से उम्मेद मिल के करीब तीन हजार मजदूर हड़ताल पर चल रहे है। इससे मिल का कामकाज बंद पड़ा है। मामले में एसडीएम रोहिताश्वरसिंह तोमर से इंटक, एटक सीटू के पदाधिकारी मिले। इनकी मांगों को लेकर चर्चा कर समझाइश कर उन्हें काम पर लौटने के आग्रह किया गया। लेकिन, शुक्रवार की देर रात तक इसको लेकर मजदूर संगठन कोई फैसला नहीं ले सके।

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के पाली जिला महामंत्री बद्रीलाल जोशी ने बताया कि श्रम संगठनों द्वारा लिखकर देने के बावजूद उम्मेद मिल प्रबंधन उनकी बिना सहमति के भारतीय मजदूर संघ के पक्ष में चंदा कटौती कर रहा है। इसके साथ ही 12 सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार से मिल के करीब तीन हजार श्रमिक हड़ताल पर है। शुक्रवार को भी मिल परिसर में शांतिपूर्वक धरना दिया। हड़ताल के चलते मिल में किसी तरह का कोई काम-काज नहीं हो पाया। मामले में एसडीएम ने मजदूर संगठनों की मांगों को लेकर समझाइश की लेकिन बात नहीं बनी। इस दौरान श्रवण बंजारा, जगदीश बंजारा, नारायण लौहार, मुकेश बंजारा, मेहबूब खान सहित कई श्रमिक नेता व श्रमिक हड़ताल पर रहे।

15 हजार लोग जुड़े है मिल से
करीब तीन हजार मजदूर मिल में काम करते है। जिनमें से ज्यादातर अन्य राज्यों से है। इन तीन हजार मजदूरों के हड़ताल पर रहने से उनके परिवार पर भी असर पड़ेगा। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 15 हजार लोग मिल से जुड़े है।

अंदर की बात : श्रम संगठनों की आपसी खींचतान
भारतीय मजदूर संघ व राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस संगठन दोनों अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों से संबंध रखते है। राज्य में सत्ता बदलते ही उस पक्ष के संगठन के पदाधिकारी सचेत हो गए और भारतीय मजदूर संघ के पक्ष में जो चंदा काटा जा रहा है। उसके विरोध में उतर गए।

यह है प्रमुख मांगें
- श्रमिकों से जबरन चंदा वसूलना बंद हो।
- मशीनों पर फीटर की शिफ्ट 6.30 बजे से 3 बजे तक की जाए।
- हड़ताल पर रहने वाले सभी श्रमिकों का वेतन भुगतान किया जाए।