मदर्स डे विशेष : मां सरीखा दुलार कर ‘सिस्टर’ कम कर रही कोरोना का दर्द, पढ़ें पूरी खबर...

- पाली के बांगड़ चिकित्सालय के कोरोना पॉजिटिव वार्ड में दे रही ड्यूटी

By: Suresh Hemnani

Published: 10 May 2020, 07:09 AM IST

पाली। अस्पताल में महिला नर्सिंगकर्मी [ Female nursing worker ] को सिस्टर कहकर भले ही पुकारा जाता हो, लेकिन ये तो मां की भांति दुलार कर मरीजों का दर्द ही कम कर देती है। ऐसी ही एक नर्सिंगकर्मी है बांगड़ चिकित्सालय [ Bangar Hospital ] में कार्यरत उषा थॉमस। जो पाली में कोरोना पॉजिटिव [ Corona positive ] आने पर कोरोना पॉजिटिव वार्ड में डयूटी देने पहुंची थी। वे अब तक इस वार्ड में ड्यूटी दे रही है।

पाली में जैसी कोरोना पॉजिटिवों संख्या बढ़ी तो वार्ड में एक पांच साल की बच्ची के साथ 14 वर्ष का लडक़ा भी भर्ती हुआ। एक बच्ची तो एक वर्ष थी। इनमें एक वर्ष की बच्ची को तो उसकी मां संभाल रही थी, लेकिन पांच वर्ष की बच्ची अकेली थी और घर जाने की जिद करती थी। इस पर थॉमस उसे मां की तरह दुलारती रही। उसके साथ वार्ड में खेलती और उसे कहानी भी सुनाती। ऐसा ही उन्होंने चौदह वर्ष के बच्चे के साथ भी किया।

मरीजों को दिए मोबाइल नम्बर
वार्ड में बच्चों के साथ कई बुजुर्ग भी घर जाने की जिद पर अड़े। इस पर थॉमस ने उनको अपने मोबाइल नम्बर दिए। वार्ड में कार्यरत अपने साथियों से कहा कि ये नहीं माने तो सोशल मीडिया पर वीडियो कॉल करवाना। जब वे इन लोगों से वीडियो कॉल पर बात करती है तो इनकी हर बात मान लेते हैं। उषा बताती है कि मां व बेटी जैसा व्यवहार करने से मरीज आधा तो वैसी ही ठीक हो जाता है।

नमाज के लिए दी चद्दर
वे बताती है कि एक बुजुर्ग घर जाने का काफी कह रहे थे। नमाज पढऩे के लिए वार्ड से बाहर जाने लग गए। उनको समझाया तो वे मुझे बेटी की तरह मानकर बात करने लगे। इसके बाद मैंने उनको नमाज अदा करने के लिए नई बैड शीट दी। इस पर वे खुश हो गए और वहीं नमाज अदा की। जब वे उठे तो उनकी आंखों में चमक थी।

Suresh Hemnani Desk
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