
Milk adulteration will be found in one minute
पाली। गोशालाओं में अब बायो गैस से गायों का पशु आहार पकेगा। बायो गैस प्लांट से प्रदूषण नहीं होगा व लकड़ी की बचत होगी। इसके साथ ही विद्युत के क्षेत्र में गोशालाएं आत्मनिर्भर होगी। इससे गोशाला में जेनरेटर चल सकेगा। गोशालाओं में लाइट भी जलाई जा सकेगी। इससे बिजली का खर्च बचेगा। इसके साथ ही जैविक खाद बनेगी। जिसे बेचने से गोशाला को अतिरिक्त आय होगी। पाली जिले में अर्बुता माता सेवाड़ी खेतलाजी गोशाला जाडन व श्रीराम गोशाला सुमेरपुर में दो बायो गैस के प्लांट लगेंगे। इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एक गोशाला को ४० लाख रुपए का अनुदान मिलेगा।
1००० गौ वंश होना जरूरी
बायो गैस प्लांट अनुदान प्राप्त करने के लिए गोशाला में कम से कम 1००० गौ वंश होना जरूरी है। गोशाला की खुद की 25 बीघा भूमि भी होनी चाहिए। संयंत्र संचालन के लिए गोशाला के पास पानी व गोबर उपलब्धता होनी चाहिए तथा 31 मार्च 2016 से पूर्व गोशालाओं का पंजीयन होना चाहिए। बायो गैस के लिए लागत का 50 प्रतिशत या अधिकत्तम 40 लाख रुपए का अनुदान है।
पशुओं के लगेगा टैग
गोशालाओं में सभी पशुओं पर टैग लगाया जाएगा। पशु के लापता होने पर टैग के माध्यम से उसकी खोज आसानी से की जा सकेगी। पशुओं की गणना भी आसानी होगी।
लकड़ी की होगी बचत
जिले की एक गोशाला को 40 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। बायो गैस से पशुओं का पशु आहार पक सकेगा। इससे जलाने की लकड़ी बचत होगी।
हरिसिंह बारेठ, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, पाली
भजन करने से बरसती प्रभु की कृपा
पाली। रामद्वारा में प्रवचन करते हुए संत गोपालराम ने कहा कि भगवान का भजन करने से प्रभु की कृपा बरसती है। कलयुग में हरि भक्तों की कथा और हरिनाम संकीर्तिन श्रेष्ठ है। उन्होंने बालक धु्रव के संकल्प की कथा सुनाते हुए कहा कि भोजन से शरीर को शक्ति मिलती है और भजन से आत्मा को भोजन मिलता है। भक्त जब भगवान को पुकारता है तो वह दौड़े चले आते है। इस दौरान गोपीकिशन, सोहनसिंह, नामदेव, मोहनलाल पंवार, जगाराम चौधरी व हरिप्रसाद सोनी सहित कई जने मौजूद थे।
Published on:
02 Aug 2018 12:10 pm
