
हाईकोर्ट ने डीजी को तलब किया तो अपहृत किशोरी दस दिन में दस्तयाब
पाली। हाईकोर्ट की सख्ती के आगे पुलिस किस कदर काम करती है, यह पाली पुलिस की कार्यप्रणाली में देखने को मिला। जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने दस दिन पूर्व पाली जिले के शिवपुरा थाने में दर्ज नाबालिग के अपहरण व पॉक्सो एक्ट एक मामले में पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नाबालिग को 16 अगस्त तक पेश करने या पुलिस महानिदेशक को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिया था। इस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मंगलवार को अपहृत किशोरी को दस्तयाब कर लिया। पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है।
शिवपुरा थानाधिकारी सुरेश चौधरी ने बताया कि 08 नवम्बर 2017 को शिवपुरा थाने में सुरायता निवासी एक व्यक्ति ने मामला दर्ज कराया था कि उसकी नाबालिग पुत्री का शादी की नियत से उसके परिवार वालों ने ही अपहरण कर दिया। पुलिस ने अपहरण व पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया था। लेकिन किशोरी को पुलिस दस्तयाब नहीं कर पाई।
इस पर किशोरी के पिता ने हाईकोर्ट जोधपुर में याचिका लगाई। गत 4 अगस्त को हाईकोर्ट के जस्टिस संगीत लोढ़ा और वीरेन्द्र कुमाार माथुर की खण्डपीठ ने पुलिस से कहा था कि या तो नाबालिग को दो सप्ताह में पेश किया जाए अन्यथा पुलिस महानिदेशक 16 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हों। हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने एसएचओ शिवपुरा सुरेश चौधरी, एसएचओ सिरियारी रामनिवास, साइबर सैल के हैड कांस्टेबल गौतम आचार्य सहित 13 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम का गठन कर जांच शुरू की।
टीम ने मण्डली, सुरायता, मारवाड़ जंक्शन, पाली, उदयपुर, चैन्नई, भीलवाड़ा, राजसमंद, बैंगलुरू सहित कई जगहों पर पुलिस ने अपना नेटवर्क तैयार किया। मंगलवार को किशोरी को रेलवे स्टेशन मारवाड़ जंक्शन से दस्तयाब किया। उसे हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा। शिवपुरा थाना पुलिस की इस कार्रवाई पर एसपी राहुल प्रकाश ने टीम को प्रशंसा पत्र व इनाम की घोषणा की है।
Updated on:
14 Aug 2018 09:05 pm
Published on:
14 Aug 2018 09:05 pm
