
राजस्थान का रण: पाली के इन मुद्दों पर नेताओं की हुई खिंचाई
पाली। प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस भी एक-दूसरे को पछाडऩे का कोई मौका नहीं गंवा रहे। वह चाहे प्रदेश स्तर का नेता हो या जिला स्तरीय। सभी नेताओं ने आरोप-प्रत्यारोपों की झड़ी लगा दी है। मजे की बात यह है कि नेताओं के दावों पर मतदाताओं का रुझान कुछ अलग ही नजर आ रहा है। पाली पत्रिका फेसबुक की लाइव डिबेट में नेताओं की खिंचाई करने वाले कमेंट की बाढ़ आ गई।
भाजपा का दावा है कि उन्होंने जिला का विकास करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, जबकि कांग्रेस इन दावों को खोखला बता रही है। जबकि व्यूअर्स दोनों ही राजनीतिक दलों को आमजन से खिलवाड़ करने के आरोप मढ रहे हैं। उनका कहना है कि पाली में प्रदूषण की समस्या और चाहे किसानों से जुड़ा मुद्दा, हर सरकार में समस्या यथावत रही। उन्होंने नेताओं की जमकर खिंचाई करते हुए यह भी कहा कि अगले चुनाव में वे ऐसे ही प्रत्याशी का चुनाव करेंगे जो जनता की आवाज उठाने वाला हो।
इन मुद्दों पर भाजपा-कांग्रेस के पदाधिकारियों के बीच हुई चर्चा
पाली पत्रिका फेसबुक की लाइव डिबेट में नेताओं ने फैक्ट्री उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी से किसानों की खराब होती जमीनें, किसानों के कर्ज माफी, खाद्य सुरक्षा के गेहूं के वितरण, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से मिलने वाले गैस कंनेक्शन, शहर के क्षतिग्रस्त सडक़ों, डिवाइडर, लाइटें, जनता व पशुओं को मिलने वाली नि:शुल्क दवाओं के वितरण, पानी-बिजली, पेट्रोल-डीजल, भष्ट्राचार, बढ़ती के महंगाई के मुद्दों के साथ भाजपा-कांग्रेस पार्टी में चल रही खिंचतान को लेकर गहनता से चर्चा की गई।
यह रहे उपस्थित
भाजपा नेता रामकिशोर साबू, पर्यावरण संर्घष समिति के अध्यक्ष पुखराज पटेल, कांग्रेस नेता मोटूभाई, सेवादल के मोहन हटेला, पूर्व जिला परिषद सदस्य जोगाराम सोलंकी, पार्षद जीवराज बोराणा, भेराराम गुर्जर, आमीन रंगरेज सहित भाजपा-कांग्रेस के कई पदाधिकारी इसमें उपस्थित थे।
Updated on:
03 Sept 2018 05:12 pm
Published on:
03 Sept 2018 05:08 pm
