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अमर हुए रजत : जैतारण के पावनधाम में लोकमान्य राष्ट्र संत रूपमुनि की पार्थिव देहपंचतत्व में विलीन

-पावनधान में दी मुखाग्नि, महाज्योति के दर्शन की दिखी आतुरता-पार्थिव देह को मुखाग्नि देने के लिए भक्त ने लगाई 1.94 करोड़ की बोली-नम आंखों से संत को विदाई देने पहुंचे हजारों भक्त गृह राज्य मंत्री कटरिया सहित कई हस्तियां पहुंची अंतिम दर्शन करने
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पाली

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Suresh Hemnani

Aug 19, 2018

pali hindi news

अमर हुए रजत : जैतारण के पावनधाम में लोकमान्य राष्ट्र संत रूपमुनि की पार्थिव देहपंचतत्व में विलीन

पाली/जैतारण। लोकमान्य राष्ट्र संत रूपमुनि के महाप्रयाण के बाद रविवार को जैतारण स्थित जैन स्थानक से रवाना हुई अंतिम यात्रा में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शाम चार बजे बाद जैतारण के पावनधाम परिसर में नवकार मंत्र के गुणगान के साथ संत की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी गई। इस दौरान माहौल भाविभोर हो गया।
हर किसी की आंख नम हो उठी। जैन संत सुकनमुनि व अमृतमुनि के सान्निध्य में संत रूपमुनि को अंतिम विदाई दी गई। यहां केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, केन्द्रीय मंत्री पी.पी. चौधरी व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल के साथ ही राजनीतिक, सामाजिक व धार्मिक क्षेत्र की कई हस्तियों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

मुख्यमंत्री की ओर से जलदाय मंत्री ने चढ़ाया पुष्पचक्र
संत रूपमुनि के देवलोकगमन पर रविवार को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से मंत्री व स्थानीय विधायक सुरेन्द्र गोयल ने पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान गोयल ने मुख्यमंत्री द्वारा भेजा गया संवेदना पत्र पढकऱ सुनाया।

संत रूपमुनि अमर रहे के नारों से गूंजा जैतारण
जैतारण के मुख्य बाजार स्थित जैन स्थानक से च्जैन संत रूपमुनि अमर रहे...ज्, च्जब तक सूरज चांद रहेगा...ज् के नारों के साथ अंतिम यात्रा रवाना हुई तो माहौल गमगीन हो उठा। स्थानक से मरुधर केसरी पावनधाम तक के दो किलोमीटर लम्बे सफर में श्रद्धालुओं ने संत की अंतिम विदाई पर गुलाल व सिक्कों की बारिश की। गुलाल की बारिश से जहां श्रद्धालु रूपमुनि के च्तेजज् में रंग गए तो सडक़ें भी लाल हो गई। शहर का कोई भी ऐसा कोना नहीं बचा, जहां गुलाल की परत नहीं बिछ गई हो। इस दौरान शहरवासियों की रुलाई फूट पड़ी।

अंतिम दर्शन के लिए छतों पर चढ़ी भीड़
हृदय में बसे गुरु के लिए आंखें नम, नवकार मंत्र से गूंजा माहौल जैन स्थानक से पावनधाम तक दो किलोमीटर के अंतिम सफर में हजारों की भीड़ उमड़ी। जैतारण में लोग संत के दर्शन के लिए मकानों की छतों पर चढ़ गए। चारों ओर श्रद्धालुओं का लवाजमा नजर आया। भक्तजन ऊंटों पर बैठकर गुलाल व सिक्के उछाल रहे थे। गुलाल की बारिश से सडक़ें लाल हो गई।

करीब दो किलोमीटर चली अंतिम यात्रा
शव यात्रा जैतारण स्थानक से रवाना होकर पावन धाम पहुंचेगी। करीब दो किलोमीटर के इस अंतिम सफर में संत के गगन ोदी नारों से जैतारण गूंज उठा। इधर, जैतारण, निमाज सहित आस-पास के गांवों के बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोली। पाली शहर में भी कई दुकानें बंद रही। अंतिम यात्रा में पाली विधायक ज्ञानचंद पारख, सुमेरपुर विधायक मदन राठौड़, कमसा मेघवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, न्यायिक अधिकारी सहित कई गणमान्य लोग पहुंचे। नम आंखों से भक्त अंतिम यात्रा में साथ चल रहे थे। च्जब तक सूरज चांद रहेगा, रूप मुनि का नाम रहेगाज् जैसे गगनभेदी नारें श्रद्धालु लगा रहे थे। सडक़ों पर सिक्के व गुलाल उछाली जा रही थी। जैतारण कस्बे में चारों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।

पुलिस व युवाओं ने संभाली व्यवस्थाएं
संत रूपमुनि की अंतिम यात्रा को लेकर जैतारण में रविवार सुबह भारी ाीड़ लग गई। कस्बे में पांच सौ से अधिक पुलिसकर्मियों का जाप्ता तैनात किए गए। शहर के चारों ओर पुलिस व युवाओं ने व्यवस्थाएं संभाली। पुलिस उप अधीक्षक जैतारण विरेन्द्र सिंह ने बताया कि अंतिम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व्यवस्था की गई। शहर में बनाए गए तीन पार्किंग स्थलों पर गाडिय़ां रखने की जगह नहीं बची, ऐसे में अन्य जगहों पर वाहन पार्क किए गए।

संत-साध्वियों की आंखों से फूटी रुलाई
लोकमान्य संत रूपमुनि को जैन स्थानक से अंतिम विदाई के दौरान भक्तगणों के साथ ही संत व साध्वियों की आंखों से रुलाई फूट पड़ी। उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। इस दौरान उप प्रवत्र्तक सुकनमुनि, अमृत मुनि, महेश मुनि, नानेश मुनि, हरीश मुनि, वरुण मुनि, सचिन मुनि सहित अन्य मुनिवृंदों व साध्वियों की आंखों से अश्रु धारा बहती रही।