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नम आंखों से शहीद हनुमान सिंह की प्रतिमा पर चढ़ाए शहादत के पुष्प

-पाली जिले के रास थाना क्षेत्र के भवरिया गांव में शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए शामिल हुए ग्रामीण व परिजन
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पाली

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Suresh Hemnani

Aug 14, 2018

Tribute to martyr in pali

नम आंखों से शहीद हनुमान सिंह की प्रतिमा पर चढ़ाए शहादत के पुष्प

पाली/बाबरा। जब तक सूरज-चांद रहेगा...शहीद हनुमानसिंह का नाम रहेगा। भारत माता की जय...। वंदे मातरम्...सरीके गगनभेदी नारों के साथ मंगलवार को रास थाना पुलिस के अधिकारियों, पुलिस जवान व ग्रामीणों ने शहीद हनुमानसिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण व धूप-ध्यान के साथ नम आंखों से नतमस्त होकर शहीद के परिजनों को सम्बल प्रदान किया।


भंवरिया गांव के सार्वजनिक चौक पर लगी शहीद हनुमानसिंह की मूर्ति पर रास थानाप्रभारी राजेश कुमार मीणा, बाबरा पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई करणसिंह देणोक, मुख्य आरक्षी राजेन्द्रसिंह शेखावत, ओमप्रकाश परासरिया, प्रकाशचंद गुर्जर, भाकरराम, मूलचंद, माधुसिंह, रामकिशोर, शहीद की पत्नी सैणा देवी, शहीद के भाई नारायणसिंह, भतीजे तिलोकसिंह, भंवरिया के पूर्व उपसरपंच बाबुसिंह गहलोत, बाबरा उपसरपंच कप्तानसिंह, पृथ्वीराजसिंह, फौजी नारायणसिंह, फौजी मोहनसिंह, बन्नासिंह, राउप्रावि भंवरिया के संस्था प्रधान नूर मोहम्मद सहित ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने शहीद की मूर्ति पर माल्यार्पण कर शहीद हनुमानसिंह को नमन् कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान रास थानाप्रभारी मीणा एवं एएसआई देणोक ने शहीद की पत्नी सैणा देवी व परिजनों को सम्बल प्रदान करते हुए उनको भी सम्मानित करते हुए कहा कि शहीद की शहादत को हमेशा संजोए रखने व समय पर याद करने से ही एकता बनी रहेगी। विद्यार्थी कल्लाराम गुर्जर ने शहीद के प्रति काव्य पेश कर विचार प्रकट किए।

हिफाजत-11 के दौरान शहीद
रायपुर तहसील के रातडिय़ा पंचायत स्थित रास थाना क्षेत्र के भंवरिया गांव मे हनुमानसिंह पुत्र दैवीसिंह राठौड़ 26 अगस्त 1973 को माता फूली देवी की कोख में जन्म लिया व पत्नी सेणा देवी से विवाह उपरान्त, पुत्र महावीर सिंह व रणवीर सिंह को जन्म दिया। भंवरिया गांव के सपूत शहीद हनुमानसिंह राठौड़ 28 अप्रेल 1995 को सेना मे प्रवेश किया। शहीद हनुमान सिंह 32 वीं राष्ट्रीय राजपुताना बटालियन मे तैनात रहते हुए 13 फरवरी 1999 को हिफाजत-11 के दौरान देश के पूर्वोतर राज्य मणिपुर की राजधानी इम्फाल के निकट चुड़ा चांदपुर में उग्रवादियों से एक मुठभेड मे संघर्ष करते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ।