गैस के दौर में चूल्हे से उठते धुएं के बीच पक रहा पोषाहार

गैस के दौर में चूल्हे से उठते धुएं के बीच पक रहा पोषाहार
गैस के दौर में चूल्हे से उठते धुएं के बीच पक रहा पोषाहार

Rajeev Dave | Publish: Oct, 13 2019 07:00:00 AM (IST) Pali, Pali, Rajasthan, India

- जिले के 100 विद्यालय ऐसे, जहां आज भी लकडिय़ों पर पक रहा पोषाहार
- कागजों में बताया जिले की शत प्रतिशत स्कूलों में गैस कनेक्शन

श्याम शर्मा

रायपुर मारवाड़. जिले की कई सरकारी स्कूलों में आज भी चूल्हे में लकडिय़ों पर ही पोषाहार पकाया जा रहा है। चूल्हे से उठते धुएं से छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खास बात ये है कि रसद विभाग ने पिछले साल ही कागजों में जिले की सभी स्कूलो ंमें गैस कनेक्शन वितरण करने का दावा किया था। जबकि, हकीकत कुछ और ही है।दरअसल, राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में गैस कनेक्शन के आदेश दिए थे। कनेक्शन के लिए सरकार ने प्रति स्कूल के हिसाब से जिला शिक्षा अधिकारी को बजट भी आवंटित किया था। लेकिन, बजट वितरण में बरती गई अनदेखी के चलते जिले की कई स्कूलों में बजट ही नहीं पहुंचा। जिन्हें बजट मिला, उन्होंने कनेक्शन खरीद कर उपयोग भी शुरू कर दिया।

12 से अधिक स्कूलों में आज भी इंतजार

उपखण्ड क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक सरकारी स्कूलों में आज तक गैस कनेक्शन नहीं पहुंचा है। इससे वहां लकड़ी के चूल्हे पर ही पोषाहार पकाया जा रहा है। हालात ये हैं कि सुबह पोषाहार पकाने वाली महिला के साथ स्कूल के कुछ छात्रों को जंगल की तरफ भेजा जाता है। जहां से ईंधन के लिए लकड़ी बीन कर लेकर आते हैं। इसके बाद स्कूल परिसर में ही लकड़ी जला उस पर पोषाहार पकाया जाता है। चूल्हे से निकलने वाला धुआं स्कूल की कक्षाओं में पहुंचता है। जिससे बच्चों का दम घुटता है।

जिले में 100 से भी अधिक वंचित

जिले की बात करें तो जिले के दस उपखण्ड क्षेत्र के 100 से भी अधिक सरकारी स्कूलों में गैस कनेक्शन नहंीं पहुंचा है। कुछ स्कूलों के संस्थाप्रधान ने गैस कनेक्शन के लिए आज तक बजट तक नहीं मांगा है जबकि अधिकांश स्कूलों द्वारा बार-बार पत्र भेज बजट मांगने के बावजूद बजट नहीं दिया गया है।
दानदाताओं की मदद से होती रीफिलिंग

जिन स्कूलों में गैस कनेक्शन खरीद कर लगाया गया है वहां हर माह गैस सिलेंडर खत्म होने पर एसएमसी से बजट निकालना पड़ता है या दानदाता से मदद लेनी पड़ती है। इसके पीछे वजह है कि सरकार ने गैस कनेक्शन का बजट दिया है। सिलेंंडर में गैस भराने के लिए अलग से बजट नहीं दिया है।

चूल्हे पर पकता है पोषाहार

क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक सरकारी स्कूलों में आज भी गैस कनेक्शन नहीं है। वहां चूल्हे में लकड़ी जलाकर पोषाहार पकाया जा रहा है। शिक्षा मंत्री को पत्र भेज वंचित स्कूलों में गैस कनेक्शन के लिए बजट दिलाने की मांग की है।

नवरतनमल छीपा, अध्यक्ष राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय, रायपुर

मांग रखा है बजट

ब्लॉक की दस स्कूलों में गैस कनेक्शन नहीं होने की जानकारी मिली है। हमने इसके लिए जिला मुख्यालय पत्र भेज बजट की मांग कर रखी है। जिन स्कूलों में गैस कनेक्शन होते हुए भी चूल्हे पर पोषाहार पकाया जा रहा है उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

हरिराम सैनी, एसीबीइओ, रायपुर

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