
जाने किस कारण से शहर के इस बाजार में जाने का नहीं करता मन, देखें पूरा वीडियो...
मैं पाली शहर का पुराना बाजार हूं। संकरी गलियां और उनमें अलग-अलग नाम के स्थल। सर्राफा बाजार, फतेहपुरिया बाजार, बाइसी बाजार, घी का झण्डा, धौला चौतरा, धानमंडी सभी है। छोटी दुकान बड़ी बन गई है, लेकिन मेरा दम घुट रहा है, अव्यवस्था से। सबसे बड़ी अव्यवस्था है पार्किंग नहीं होना। संकरी गलियों में बेतरतीब हर दुकान के आगे वाहन खड़े कर दिए जाते है। परिणाम यह निकलता है कि कई बार पैदल चलने वाले तक कदम नहीं बढ़ा पाते है। उनको वहां खड़े वाहनों के आगे-पीछे खड़े होकर वाहनों के गुजरने का इंतजार करना पड़ता है। जाम कितनी बार लगता है, यह तो मैने गिनना ही छोड़ दिया है।
सूरजपोल से सोमनाथ
सूरजपोल से सोमनाथ मार्ग पर प्रवेश करने के बाद एक इंच जगह ऐसी नहीं है, जहां वाहन खड़ा नहीं हो। उसमें यदि सामने से ऑटो भी आ गया तो जाम लग जाता है। धौला चौतरा पर चौक में वाहन रखने की थोड़ी जगह है, लेकिन वाहन चालक उसका उपयोग करने के बजाय दुकानों व प्रतिष्ठानों के आगे ही वाहन खड़ा करते हैं।
सोमनाथ से धानमंडी
सोमनाथ के पीछे की तरफ मार्ग अधिक संकरा हो जाता है। यहां दो ऑटो आमने-सामने आते ही जाम लग जाता है। दुकानों के आगे रखे वाहन कितना ही जाम क्यों नहीं हो हटाए नहीं जाते हैं। उनको आड़ा-तिरछा कर वाहनों को निकलने का इशारा कर दिया जाता है। इस मार्ग से धानमंडी के महाराणा प्रताप की जन्म स्थली जाना तक जाना जंग जीतने जैसा लगता है।
धानमंडी चौक
धानमंडी चौक में मार्ग तो संकरा है, लेकिन चौक काफी चौड़ा है, लेकिन वह पार्किंग स्थल के रूप में ही उपयोग हो रहा है। दुकानदार व आस-पास के लोग वाहन खड़ा कर देते है। जो सुबह से शाम तक पड़े रहते है। खरीदारी करने वालों के वाहन तो सड़क की ही शोभा बढ़ाते है। मार्ग अवरुद्ध करते हैं। जबकि जूनी कचहरी में बड़ी जगह है, जिसे पहले पार्किंग स्थल बनाने का प्रस्ताव भी आया है।
बाइसी बाजार से सर्राफा बाजार
धानमंडी से आनन्द भैरू होकर निकलने वाली गली से एक बाइक मुश्किल से निकलती है, लेकिन वहां भी वाहनों का ही जमावड़ा रहता है। ऐसा ही हाल घी का झण्डा का है। बाइसी बाजार में गली फिर संकरी होती है, लेकिन वाहन सड़क पर खड़े रहते है। कई बार तो सड़क के बीच तक वाहन खड़े कर दिए जाते है, लेकिन दुकानदार या पुलिसकर्मी किसी को ऐसा करने से नहीं रोकते।
बीमार को ले जाना मुश्किल
शहरवासी हरीश कुमार घांची बताते है कि बाजार में कई लोग निवास करते है। कई मोहल्लों में आने-जाने मार्ग भी बाजार ही है। बीमार व्यक्ति को बेतरतीब पार्किंग के कारण नहीं ले जा पाते है। कुछ समय पहले एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आने पर अस्पताल ले जाते समय जाम के कारण रास्ते में ही उसका दम टूट गया था। तेजाराम का कहना है कि पार्किंग नहीं होने के कारण बाजार आने का मन नहीं करता है।
Published on:
16 Mar 2024 06:43 pm
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