
जिला शिक्षा विभाग का आदेश : अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जांचेंगी संस्था प्रधानों का कार्य! जानिए कैसे
पाली/नाडोल। शिक्षा विभाग में अधिकारी व कर्मचारी कई दफा बिना सोचे-समझे ही कार्य करते हैं। इसकी एक ओर बानगी सामने आई है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक ने 24 अप्रेल को एक आदेश जारी किया। इसमें 9 मई को सार्वजनिक स्थलों पर होने वाली बालसभा में राजकीय विद्यालयों में प्रभारी/पर्यवेक्षक के रूप में पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, आशा सहयोगिनी आदि को लगाने के आदेश दिए गए है। इस आदेश में लिखा है कि नियुक्त प्रभारी/पर्यवेक्षक निर्धारित प्रपत्रों का अवलोकन करना भी सुनिश्चित करेंगे। अब यह समझ से परे है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, एएनएम या पटवारी कैसे उच्च प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल के संस्था प्रधानों के प्रभारी होंगे और उनके दस्तावेजों की जांच करेंगे।
सूची में मांगा नाम
इस आदेश में प्रभारी/पर्यवेक्षक को लगाने की जानकारी भी मांगी गई है। इसमें स्कूल का नाम, ग्राम पंचायत का नाम, सार्वजनिक बालसभा स्थल, प्रभारी/पर्यवेक्षक का नाम व पद मय पद स्थापन स्थान, प्रभारी/पर्यवेक्षक के मोबाइल नम्बर की जानकारी शामिल है।
आयुक्त के आदेश का हवाला
यह आदेश तो शिक्षा विभाग की ओर से 24 अप्रेल को निकाल दिया गया था। अब 1 मई को आयुक्त एवं विशिष्ट शासन सचिव स्कूल शिक्षा, राज. सकूल शिक्षा परिषद जयपुर की ओर से नया आदेश जारी किया गया है। जिसमें बताया कि विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी विद्यालय में निरीक्षण के भाव से नहीं जाकर संस्था प्रधान को सहयोग/मार्गदर्शन व स बलन प्रदान करने के भाव से जाएंगे।
चिकित्सा विभाग के अधिकारी देंगे जानकारी
इस बाल सभा में राजीव गांधी कॅरियर पोर्टल की जानकारी देने में भी विभागों के कर्मचारी सहयोग करेंगे। चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के ककार्मिक मीजल्स रूबेला टीकाकरण कार्यक्रम की जानकारी बाल सभा में आने वाले लोगों को पदान करेंगे।
राजपत्रित अधिकारियों को किया दरकिनार
इस आदेश में राजपत्रित अधिकारियों को दरकिनार किया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से नीचे के स्तर के कर्मचारियों को मॉनिटरिंग पर लगाने का आदेश हास्यास्पद है। -महावीरसिंह कुम्पावत, ब्लॉक अध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय, ब्लॉक रानी
यह आदेश गलत है
हम इस आदेश का विरोध करते हैं। तृतीय श्रेणी अध्यापक के ग्रेड के भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी आदि नहीं है। इसके बावजूद उनको लगाया गया है। जो गलत है। -अमरजीतसिंह राठौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष, शिक्षक संघ राष्ट्रीय
प्रभारी नहीं होंगे
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी आदि को प्रभारी के रूप में नहीं लगाना है। उनको सम्बल प्रदान करने व जानकारी देने के लिए बुलाया गया है। -जगदीशचन्द्र राठौड़, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, पाली
Updated on:
02 May 2019 04:27 pm
Published on:
02 May 2019 04:27 pm
