13 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पाली में सामूहिक आत्महत्या मामले में नया खुलासा, सुसाइड नोट में क्या लिखा था..अब आया सामने

पाली शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र में सामने आए सामूहिक सुसाइड मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए खुलासे हो रहे हैं। अब पुलिस को घटनास्थल से आधी भरी कोल्ड ड्रिंक की बोतल मिली है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि मां और दोनों बेटों ने उसी में विषाक्त मिलाकर सेवन किया होगा।

2 min read
Google source verification

पाली

image

kamlesh sharma

Apr 13, 2026

फोटो पत्रिका नेटवर्क

पाली। शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र में सामने आए सामूहिक सुसाइड मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए खुलासे हो रहे हैं। अब पुलिस को घटनास्थल से आधी भरी कोल्ड ड्रिंक की बोतल मिली है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि मां और दोनों बेटों ने उसी में विषाक्त मिलाकर सेवन किया होगा।

सिटी सीओ मदनसिंह चौहान ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच कर रही है। इसी क्रम में औद्योगिक थानाप्रभारी निरमा विश्नोई और उनकी टीम ने शनिवार को जोधपुर रोड स्थित आशापुरा टाउनशिप के मकान की दोबारा बारीकी से जांच की। इस दौरान घर में आधी भरी कोल्ड ड्रिंक की बोतल बरामद हुई। पहले मौके से सुसाइड नोट जब्त किया जा चुका है। अब इस बोतल को जांच के लिए जोधपुर एफएसएल भेजा है, ताकि स्पष्ट हो सके कि इसमें जहर मिलाया था या नहीं।

बंद मकान में मिले थे मां और दो बेटों के शव

गौरतलब है कि 9 अप्रेल की शाम करीब पांच बजे एक घर में शांति देवी (59) और उनके दो बेटे नरपत (34) व रघुवीर (26) के शव मिले थे। शवों से दुर्गंध आ रही थी। मौके पर नरपत के पंखे से फंदा लगाने के साक्ष्य मिले, लेकिन रस्सा टूटने से उसका शव नीचे गिरा हुआ पाया। तीनों के शव फर्श पर पड़े थे और पास ही सुसाइड नोट और दो मोबाइल मिले थे।

सुसाइड नोट में मानसिक तनाव और बीमारी का जिक्र

जांच में सामने आए सुसाइड नोट में मानसिक तनाव और बीमारी का जिक्र है। सीओ सिटी चौहान के अनुसार, नोट में नरपत ने लिखा कि उसकी मां को कैंसर है और उसके खुद के शरीर में भी गांठें हैं, जो कैंसर की आशंका पैदा करती हैं। उसे डर था कि यदि दोनों की मौत हो गई तो छोटे भाई रघुवीर की देखभाल कौन करेगा।

इसी चिंता के चलते तीनों ने सामूहिक सुसाइड का निर्णय लिया। पुलिस ने मकान को जांच के बाद परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों की इच्छा के अनुसार 12 दिन का कार्यक्रम उसी घर में करने की अनुमति भी दे दी है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है, जिससे मामले की सच्चाई और स्पष्ट हो सकेगी।