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ऐसा क्या हो गया जो एक ‘जीवनदाता’ ने खुद का जीवन देने कोशिश कर ली

जैतारण अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी ने खाई नींद की गोलियां, तबीयत बिगड़ी - जोधपुर रैफर, नहीं दिए बयान, पुलिस रिपोर्ट भी नहीं - विधायक ने की जांच की मांग, एसपी से बात, राजनीतिक दबाव का आरोप
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पाली

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Rajeev Dave

Jun 23, 2019

doctor

ऐसा क्या हो गया जो एक ‘जीवनदाता’ ने खुद का जीवन देने कोशिश कर ली

पाली/जैतारण. जैतारण अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश गर्ग ने रविवार सुबह नींद की गोलियां खा ली, इससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जोधपुर रैफर कर दिया गया। गोलियां खाने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, बताया जा रहा है कि चिकित्सक पिछले कई दिनों से डिप्रेशन में थे, इस कारण उन्होंने गोलियां खाई, फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर है, लेकिन बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस में भी इस सम्बंध में रिपोर्ट नहीं दी गई। इधर, घटनाक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, पुलिस व विधायक अविनाश गहलोत अस्पताल पहुंचेे। विधायक गहलोत ने चिकित्सक पर राजनीतिक दबाव होने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और एसपी से बात की।

पुलिस व प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब छह बजे सूचना मिली कि जैतारण अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. राकेश गर्ग ने नींद की गोलियां खा ली है। इस पर विधायक अविनाश गहलोत, थानाधिकारी रविंद्र सिंह खींची, रमेश भाटी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। गर्ग अचेत थे, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जोधपुर रैफर कर दिया गया। इधर, विधायक गहलोत इस घटनाक्रम से आक्रोशित हो गए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा से फोन पर बात की और गर्ग की पिछले दस दिनों की मोबाइल कॉल डिटेल निकालने की मांग की, साथ ही राजनीतिक दबाव के चलते गर्ग के डिप्रेशन में आने की बात कहते हुए मामले की जांच की मांग की। उन्होंने सीएमएचओ पर भी आरोप लगाए। एसपी ने रिपोर्ट व गर्ग के बयान के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल चिकित्सक बयान देने की स्थिति में नहीं है। इस सम्बंध में सीएमएचओ डॉ. आरपी मिर्धा से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका।