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परीक्षा टिप्स : उत्तर लिखते समय वर्तनी की अशुद्धियां होने पर कट सकते हैं नम्बर

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पाली

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Suresh Hemnani

Feb 15, 2019

Pali's Tevali School lecturer gave the examination tips

परीक्षा टिप्स : उत्तर लिखते समय वर्तनी की अशुद्धियां होने पर कट सकते हैं नम्बर

पाली। हिन्दी विषय देखने में बहुत सरल लगता है। इसका कारण है हम बोलचाल में भी हिन्दी का ही उपयोग करते हैं। अध्यापक भी सभी विषय हिन्दी में ही समझाते हैं, लेकिन हिन्दी का प्रश्न पत्र हल करते समय कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसा करने से इसे भी गणित आदि की तरफ अधिक अंक प्राप्त करने वाले विषय में तब्दील किया जा सकता है। सबसे पहले तो हिन्दी के सवालों का जवाब लिखते समय वर्तनी का ध्यान रखना चाहिए। वर्तनी की अशुद्धियां होने पर नम्बर कट जाते हैं। परीक्षा की कॉपी जांचने वाले के समक्ष भी आपकी छवि अच्छी नहीं बनती है। टेवाली स्कूल के व्याख्याता शिवराम ने दिए ये टिप्स...

हिन्दी की परीक्षा में सफलता के टिप्स
-धैर्य के साथ अपठित गद्यांश एवं पद्यांश को पढ़ें। उनका सरलार्थ समझें इसके बाद ही प्रश्नों के उत्तर देने चाहिए।
-वर्तनी की अशुद्धियां आने की आशंका होने पर पयार्यवाची या समानार्थी शब्द का उपयोग करना चाहिए। अशुद्ध नहीं लिखना चाहिए।
-निबंध की रूपरेखा बनानी चाहिए। उसकी प्रस्तावना में संबंधित दोहे, श्लोक, गीत, गजल, मुहावरे, लोकोक्ति आदि लिखनी चाहिए। डायग्राम व आंकड़ों का उपयोग करना चाहिए।
-शीर्षक व बिन्दुओं को रेखांकित या हाइलाइट करना चाहिए। प्रत्येक उत्तर के बाद एक-दो पक्तियों का अंतर रखना चाहिए। उत्तर बिन्दुवार लिखने चाहिए।
-वाक्य छोटे एवं शुद्ध बनाने चाहिए।
-कार्यालय पत्र, अद्र्धशासकीय पत्र निर्धारित प्रारूप में लिखें।
-व्याकरण से संबंधित प्रकरणों की अच्छी तैयारी करनी चाहिए। यह अच्छे अंक दिलाने में मददगार होते हैं।
-यथा संभव खंडानुसार एवं क्रमानुसार प्रश्नों के उत्तर लिखें।
-कवि या लेखक परिचय में उनके जीवन परिचय कें साथ उनका साहित्यिक परिचय अवश्य लिखें। इनके लिए पाठ्य - पुस्तकों के कवियों एवं लेखकों का एक चार्ट बनाकर उनकी रचनाओं को याद करें।
-कक्षा दशम् में क्रिया, विशेषण, कारक, काल, समास ,वाक्य शुद्धीकरण, लोकोक्तियां आदि का उपयोग जरूर करना चाहिए।
-कक्षा -बारहवीं में भाषा, लिपि, व्याकरण की परिभाषाएं एवं प्रकार, पद परिचय, शब्द शक्ति, अलंकार एवं पारिभाषिक शब्द उपयोग में आते हैं।
-व्याख्या वाले प्रश्नों को चार बिन्दुओं क्रमश: संदर्भ, प्रसंग, व्याख्या व विशेष के रूप में लिखना चाहिए। विशेष में संबंधित काव्यांश की भाषा, शैली, छंद, अलंकार, काव्य गुण, रस आदि की जानकारी लिखनी चाहिए।
-कक्षा बाहरवीं में पूरक पुस्तक संवाद सेतु से 12 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें समाचार लेखन, फीचर, संपादकीय, संपादक के नाम पत्र, प्रतिक्रिया लेखन, साक्षात्कार, विविध क्षेत्रों में पत्रकारिता, वार्ता, यात्रा वृतांत, डायरी लेखन आदि को समझें एवं इनकी परिभाषाएं आदि को अच्छे से याद करें। इससे उत्तर कम समय में लिख सकेंगे और अंक अच्छे आएंगे।