
ग्रामीणों ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
रायपुर मारवाड़ . बर से माकड़वाली जाने वाले मार्ग पर बने रेलवे अंडरपास की खामियों को लेकर जिम्मेदार गम्भीर नहीं हैं। इससे आठ गांवों की जनता त्रस्त है। पिछले छह माह से खामियों को दुरुस्त करने की गुहार लगा रहे इन आठ गांवों के लोगों का सब्र मंगलवार को टूट गया। ग्रामीणों ने अंडरपास के समक्ष एकत्रित होकर नारेबाजी की। इसके बाद ये रैली के रूप में एसडीएम के दफ्तर तथा पुलिस थाने गए। जहां अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। जिसमें सात दिन के भीतर खामियां दूर नहीं किए जाने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। दरअसल, बर से माकड़वाली जाने वाले मुख्य सम्पर्क मार्ग पर पिछले साल रेलवे ने नई लाइन बिछाई। इस मार्ग पर बनी डामरीकृत सडक़ को तोड़ अंडरपास का निर्माण कराया गया। अंडरपास का लेवल सडक़ से तीन से चार फ ीट ऊंचा है। ठेकेदार ने अंडरपास के दोनों तरफ मिट्टी का ढेर लगा वहां से चलता बना।
लेवल के फेर में बढ़े हादसे
इस अंडरपास का जमीन से लेवल ऊंचा है। ठेकेदार ने अंडरपास निर्माण के बाद दोनों तरफ मिट्टी डाल काम बन्द कर चला गया। हालात ये हैं कि अंडरपास के दोनों तरफ मिट्टी का ढेर लगा हुआ है। इस अंडरपास को पार करने के लिए वाहन चालकों को मिट्टी का ढेर लांघना पड़ता है। चार पहिया वाहन मिट्टी के ढेर में धंस जाते हैं। जबकि दुपहिया वाहन अनियंत्रित होकर फि सल जाते हैं। इससे रोजाना हादसे हो रहे हैं।
नहीं किया निर्माण
इस सम्पर्क मार्ग पर बनी सडक़ को तोड़ कर पिछले साल रेलवे अंडरपास का निर्माण किया गया। रेलवे ने दुबारा सम्पर्क सडक़ निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को मुआवजा दे दिया गया, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने आज तक दुबारा निर्माण नहीं किया।
लोग हैं परेशान
ये अंडरपास जिस मार्ग पर बना है ये मार्ग बर, माकड़वाली, रेलमगरा, फ तेहखेड़ा, दीपावास, चक दीपावास, भैरू नाका, काया भीला जाने का मुख्य सम्पर्क मार्ग है। खामियों की वजह से इन आठ गांवों के लोग परेशान हैं।
ये भी रहे मौजूद
आठ गांवों के ग्रामीणों द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान कानसिंह इन्दा, रतनलाल बागड़ी, मांगीलाल माली, चंद्रशेखर, रामेश्वरलाल, दौलत सिंह रावत, नरपत सिंह माकड़वाली, मूलसिंह गहलोत, कालूराम मेघवाल, उमाराम माली, कन्हैयालाल, दामोदरलाल, धर्माराम, गौतमचंद सहित अन्य ग्रामीण व किसान मौजूद थे।
Published on:
19 Jun 2019 07:05 am
