हाल-ए-अस्पताल : साधन व सुविधाओं का टोटा, भटक रहे मरीज

हाल-ए-अस्पताल : साधन व सुविधाओं का टोटा, भटक रहे मरीज

Suresh Hemnani | Publish: Jul, 20 2019 08:29:40 PM (IST) Pali, Pali, Rajasthan, India

-स्वीकृति के बावजूद 50 से 75 बेड का नहीं हो सका चिकित्सालय
-चिकित्सकों के पद रिक्त होने से भटक रहे मरीज
-जैतारण अस्पताल के हाल, साधन व सुविधाओं का टोटा, गिर रहा ओपीडी

पाली/जैतारण। राजकीय रेफरल चिकित्सालय [ State referral hospital ] 75 बेड छह वर्ष पूर्व 2013 से स्वीकृत है। लेकिन पदस्थापन नहीं होने से अब तक मात्र 50 बेड के पदों से ही काम चलाया जा रहा है। अस्पताल में अन्य कार्मिकों के करीब 30 से अधिक पद रिक्त होने से मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इधर यहा पर कार्यरत वरिष्ठ चिकित्सकों को हटा दिए जाने के बाद जनरल ओपीडी में निरंतर कमी आने लगी है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार राजकीय चिकित्सालय [ State hospital ] में वर्तमान में 50 बेड के पदों में कनिष्ठ विशेषज्ञ सर्जरी, नेत्र विशेषज्ञ, तीन चिकित्साधिकारी [ Medical Officer ], नर्स ग्रेड प्रथम दो, ग्रेड द्वितीय आठ, महिला स्वास्थ्य दर्शिका, सहायक रेडियोग्राफर, वार्ड बॉय तीन, लेब टेक्नीशियन तीन, तकनीकी सहायक,सूचना सहायक, प्रयोगशाला सहायक, क्लीरिकल रिकार्ड सहायक तीन सहित करीब तीस पद ल बे समय से रिक्त चल रहे हैं। चिकित्सालय मे कार्यरत एमओ डॉ. महेंद्र राठी को हाल ही में मेडिकल कॉलेज पाली [ Medical college Pali ] पदस्थापित कर दिया है। फिजीशयन डॉ. देवेंद्र सोलंकी पहले ही पाली स्थानांतरित कर दिया गया था। ऐसे में पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा [ health care ] प्रभावित हो रही है। ओपीडी में भी निरंतर गिरावट आ रही है।

50 किलोमीटर तक हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं
जैतारण के निकट स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 112 व 458 पर अक्सर दुर्घटनाएं होती है, लेकिन मरीजों को यहां प्राथमिक चिकित्सा [ Primary
Treatment ] के बाद रेफर करने के अलावा कोई चारा नहीं।

शुरू नहीं हो पाई सोनोग्राफी
जैतारण चिकित्सालय में सोनोग्राफी की मशीन आए सात वर्ष बीत गए है, लेकिन चिकित्सालय मे रेडियोलोजिस्ट के अभाव में सोनोग्राफी मशीन [ Sonography machine ] का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। हालांकि इस मशीन को चलाने के लिए गायनिक डॉ.नवीन सोनी को अधिकृत किया है। लेकिन कार्य शुरू नहीं होने के कारण मरीजों को सोनोग्राफी के लिए सोजत, पाली, ब्यावर व बिलाड़ा जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों के समय पर उपचार में बाधा उत्पन्न हो रही है।

नहीं मिले पद
जैतारण चिकित्सालय [ Jaitaran Hospital ] से एमओ डॉ. महेंद्र राठी को सीनियर सर्जन के पद पर पाली मेडिकल कॉलेज में लगाया है। सोनोग्राफी शुरू करवाने के लिए गायनिक डॉ. नवीन सोनी को अधिकृत किया है। कार्रवाई जारी है। चिकित्सालय में अब तक 50 बेड की सुविधाएं हैं। 75 बेड के पद अभी तक स्वीकृत नहीं हुए हैं। चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ के पद कम है। उच्चाधिकारियों को सूचना भेजी गई है। - डॉ.एसपी मीणा, प्रभारी, राजकीय रेफरल चिकित्सालय जैतारण

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