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VIDEO : आंसू पीकर गिन रहे दिन, भरपेट खाए गुजरे कई दिन

-पाली शहर के निकटवर्ती मंडिया गांव में रहने वाली भगवती व मदनलाल पानी पीकर ही लड़ रहे जिंदगी की जंग-भगवती के बीपीएल होने के बावजूद आज तक नहीं मिली सहायता
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पाली

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Suresh Hemnani

May 17, 2020

VIDEO : आंसू पीकर गिन रहे दिन, भरपेट खाए गुजरे कई दिन

VIDEO : आंसू पीकर गिन रहे दिन, भरपेट खाए गुजरे कई दिन

-राजीव दवे/दिनेश शर्मा
पाली। आंसू पीकर गिन रहे दिन, भरपेट खाए गुजरे कई दिन... ये पंक्तियां मंडिया गांव में रहने वाली भगवती और मदनलाल पर सटीक बैठती है। यूं तो मुफलिसी इन दोनों घरों में वर्षों से है, लेकिन कोरोना का काळ आने पर जैसे इन पर कहर ही टूट पड़ा है। जनता कफ्र्यू के बाद से लेकर एक माह तक तो जैसे-तैसे पेट भरता रहा। इसके बाद जमा चंद रुपए खत्म हो गए और अब आस-पड़ोस और गांव वालों के सहारे ही जिंदगी कट रही है। हालात यह है कि भगवती के साथ तो उसकी 80 बरस की नानी भी कई बार भूखी ही सोती है।

नानी-दोहती ही एक-दूजे का सहारा
मंडिया में रहने वाली भगवती पुत्री केशापुरी के माता-पिता का निधन हो चुका है। परिवार में 80 बरस की नानी के अलावा कोई नहीं है। वह बताती है कि पड़ोसियों ने कुछ समय पहले सिलाई मशीन दिलाई तो वह कपड़ों पर लेस लगाकर गुजारा करती थी, लेकिन लॉकडाउन लगने के बाद यह काम बंद हो गया और वह अब अपनी नानी के साथ दाने-दाने को मोहताज है।

कहने को तो वह बीपीएल श्रेणी में है, लेकिन सहायता के नाम पर आज तक कुछ नहीं मिला। उज्ज्वला गैस योजना का पैसा भी उसके खाते में नहीं आया तो अब लकडिय़ां जलाकर ही चूल्हा जलता है। वह भी तब जब कोई गेहूं या चावल देता है। वरना तो मटकी का पानी पीकर ही सोना पड़ता है।

फैक्ट्री हो गई बंद, बुझ गया चूल्हा
इसी गांव में रहने वाले मदनलाल मेघवाल लॉकडाउन से पहले फैक्ट्री में मजदूरी करता था। वह अकेला ही है। लॉकडाउन लगने के बाद उसके पास जो पैसे थे। वे अब खत्म हो गए है। घर में रखी आटे की टंकी का तल दिख रहा है। चूल्हे की आग जले कई दिन हो गए है। वह रोते-रोते बताता है कि खाने को कुछ नहीं है।

किसी से गुहार लगाता हूं तो कुछ मिलने पर ही भूख मिटती है। वरना तो पूरे दिन घर में बैठा रहता हूं और रात को पानी पीकर सो जाता हूं। वह कहता है कि अब तो बस लॉकडाउन खुलने व फैक्ट्री शुरू होने की राह देख रहा हूं। जिससे फिर काम पर जाऊं तो भरपेट खाना खा सकू। लॉकडाउन लम्बा चलता तो भूखे मर जाऊंगा।