
यहां खेल मैदानों की है कमी, संसाधनों के अभाव में ‘सचिन’ व ‘मिल्खा’ नहीं बन पा रही प्रतिभाएं
सोजत। पाली जिले के पचास हजार की आबादी वाले Sojat city में कई प्रतिभाएं Sachin व Milkha Singh बन सकती है, लेकिन संसाधनों व मैदानों के अभाव में वे आगे नहीं आ पा रही। नगर व क्षेत्र में खेलों पर किसी तरह का ध्यान नहीं देने के कारण भी बड़ी मुश्किल से राष्ट्रीय स्तर पर यहां के खिलाड़ी पहुंच पाते हैं। उनकी संख्या भी एक-दो से अधिक नहीं है।
नगर में एक राजकीय महाविद्यालय, दो निजी University, एक उच्च माध्यमिक व एक बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के साथ ही आठ-दस निजी उच्च माध्यमिक व माध्यमिक विद्यालय है। इसके अलावा 6 से अधिक उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यालय है। जिनमें पढऩे वाले कई विद्यार्थी अलग-अलग खेलों में प्रतिभा रखते है, लेकिन उनको संसाधन व मैदान उपलब्ध नहीं होते है।
मैदान है तो रखरखाव नहीं
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सोजत मेें Basketball, फुटबाल के मैदान है, लेकिन उनको नए सिरे से तैयार करने की जरूरत है। राजकीय महाविद्यालय में Hockey एवं Football, बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में बास्केट बाल व वॉलीबाल, राजकीय माध्यमिक विद्यालय नं एक में फुटबाल, हॉकी तथा Volleyball का मैदान तैयार करवाने की जरूरत है।
इंडोर गेम्स में भी पीछे
सोजत में Badminton, Table tennis के मैदान नहीं है। सार्वजनिक क्लब सोजत क्लब उपेक्षा का शिकार है। निम्बली नाडी का Stadium भी उपेक्षित है। पालिका भवन में बैडमिंटन का कोर्ट भी केवल पालिकाकर्मियों के काम ही आता है।
संसाधनों की बहुत जरूरत
सोजत में खेल संसाधनों एवं खेल मैदानों की कमी खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में भारी रूकावट है। संसाधन उपलब्ध हो तो प्रतिभाएं अपना डंका बजा सकती है। -रोहित व्यास, राष्ट्रीय स्तर पर रजत पकद विजेता
जल्द मिलेगी सुविधाएं
आचार संहिता हटते ही सोजत सहित जिले के अन्य भागों में ब्ल्यू प्रिंट बनाकर sport संसाधनो एवं सुविधाओं को प्रभावी बनाया जाएगा। जिससे खेल प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिल सके। - सम्पतराज कुमावत, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस खेलकूद प्रकोष्ठ।
Updated on:
13 May 2019 07:31 pm
Published on:
13 May 2019 07:31 pm
