4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान की इस महिला ने 25 हजार से शुरू किया कारोबार 60 लाख तक पहुंचाया, पीएम मोदी भी हुए मुरीद!

www.patrika.com/rajasthan-news
2 min read
Google source verification

पाली

image

Dinesh Saini

Jul 13, 2018

Shanti Devi Kumawat From Pali

पाली। दिल की बीमारी के कारण पति ने बिस्तर पकड़ लिया। तीन बच्चों की परिवरिश और घर खर्च चलाने की जिम्मेदारी ने कुछ करने का हौसला बढ़ाया। पारिवारिक परेशानियों के बावजूद हार नहीं मानी। घर की दहलीज पार कर वर्ष 2001 में 10 महिलाओं को साथ लेकर स्वयं सहायता समूह का गठन किया। बैंक से 25 हजार का ऋण लेकर आर्टीफिशियल ज्वेलरी व चूड़ी पर नग लगाने का काम शुरू किया। अब इस स्वयं सहायता समूह का सालाना टर्न ओवर है 60 लाख। समूह में 400 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मौका मिला है।

हम बात कर रहे हैं शहर के मंडिया रोड जालोरी दरवाजा निवासी शांतिदेवी कुमावत की, जिसने गुरुवार को संवाद कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष अपनी सफलता की कहानी बयां की। आर्टीफिशियल ज्वेलरी, प्लास्टिक की चूडिय़ों से लेकर सरकारी कार्यक्रमों में भोजन पैकेट सप्लाई तक का कार्य बखूबी कर रही है।

इस काम के जरिए शांतिदेवी ने 400 से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा और सालाना 60 लाख रुपए से अधिक का कारोबार कर रही है। शांतीदेवी ने बताया कि घर चलाने के लिए शुरूआत में उन्होने स्वयं के स्तर पर ही चूडी का छोटा काम शुरू किया था। लेकिन, धीरे-धीरे क्षेत्र की महिलाएं रोजगार के लिए उनसे जुडती चली गई। आज शांतीदेवी के साथ कार्य करने के लिए 150 महिलओं का समूह है। साथ ही उनकी बनाई चूडियां देश के 12 बडे शहरों में एक्सपोर्ट होती है। इसके बाद पीएम मोदी ने दोनों की तारीफ करते हुए बधाई दी एवम उनके काम की प्रशंसा की।

तकनीक का कर रहे इस्तेमाल
प्लास्टिक में चूडिय़ां लगाने का कार्य महिलाएं हाथों से करती थी। हाल ही में शांतिदेवी ने 10 लाख रुपए में मशीन खरीदी है। महिलाओं को एक चूड़ी में नग लगाने के लिए करीब 10-12 मिनट लगते थे। मशीन के जरिए अब वे 5 सैकंड से भी कम समय में चूड़ी पर नग लगा रही हैं। तकनीक के इस्तेमाल से उनके व्यापार में इजाफा हुआ है। शांतिदेवी ने बताया कि वह राज्य भर में हाट बाजार में स्टॉलें लगाती है।