
-पाली की प्रदूषण की समस्या के स्थाई समाधान के लिए औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषित पानी को ट्रीट कर पाइप लाइन के जरिए कच्छ के रण तक पहुंचाना ही सबसे बड़ा समाधान है। इस योजना में पाली, जोधपुर व बालोतरा को भी जोड़ा जा सकता है। गुजरात में टेक्सटाइल उद्योग का पानी आज भी ट्रीट होकर कच्छ की खाड़ी तक भिजवाया जा रहा है।
-आज पाली की सभी सडक़ें जर्जर हो चुकी है, जिसकी तरफ वर्तमान सरकार का ध्यान बिलकुल नहीं है। मेरा प्रयास रहेगा कि पाली क्षेत्र की सभी सडक़ों का सुधार करवाया जाए।
-शहरों व गांवों की कानून व्यवस्था को सुचारु करवाना।
-जल व्यवस्था व जवाई पुनर्भरण व्यवस्था जिससे आम आदमी को पानी की उपलब्धता कराई जा सके।
-शिक्षा के क्षेत्र में पाली बांगड़ कॉलेज का यूनिवर्सिटी बनाना जिससे नए-नए विषय खुलेंगे व बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इससे रोजगार के साधन विकसित होंगे।
-किसानों को 24 घंटे बिजली की व्यवस्था के लिए प्रयास।
-रोहट व नया गांव औद्योगिक क्षेत्र का विकास व प्रदूषण रहित औद्योगिक इकाइयों का निर्माण कराना।
-किसानों की फसलों का उचित मूल्य दिलवाना।
-लाखोटिया उद्यान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना तथा तारामण्डल का निर्माण करवाना।
-जीएसटी के नियमों में सरलीकरण करवाने का प्रयास।
-कृषि व किसान पशुपालन एवं डेरी किवास करवाना।
-दलित व पिछड़े वर्गों के शिक्षण के लिए कार्यक्रम आयोजित करना।
-उचित चिकित्सा व्यवस्था व सरकारी अस्पतालों को निर्माण व उनमें समुचित चिकित्सा व्यवस्था करवाना ताकि गरीबों को नि:शुल्क दवाइयां मिल सकें।
-महिला सशक्तिकरण के कार्य करवाना।
-गौ संवद्र्धन एवं गौशालाओं को विकास करवाना।
-स्थानीय स्तर पर युवाओं के पलायन को रोकने के लिए कौशल विकास एवं रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराना व कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन दिलाना।
-कोर्पोरेट सामाजिक उतरदायित्व (सी.एस.आर.) मॉडल से सामाजिक विकास करवाना।
-बांगड़ यूजियम का विकास।
-युवा रोजगार एवं खेलकूद मैदानों का विस्तारीकरण कराना।