20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान का रण: चुनावी चौसर पर मोहरे तैयार करने में भाजपा की एक तिहाई सीटों पर की रायशुमारी

हार नहीं मानूंगा रार नहीं ठानूंगा, काल के कपाल पर गीत नया गाता हूं। भाजपा के करिश्‍माई नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अतिलोकप्रिय कविता की ये पंक्तियां पाली जिले जिले के रणकपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं को सुनाई जा रही है।

3 min read
Google source verification

पाली

image

kamlesh sharma

Oct 15, 2018

bjp

रमेश शर्मा/राजेन्द्रसिंह देणोक/रणकपुर (पाली)। हार नहीं मानूंगा रार नहीं ठानूंगा, काल के कपाल पर गीत नया गाता हूं। भाजपा के करिश्‍माई नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अतिलोकप्रिय कविता की ये पंक्तियां पाली जिले जिले के रणकपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं को सुनाई जा रही है। इस कविता में कई संदेश हैं, निरूत्‍साहित नहीं होना है, पार्टी में किसी के प्रति खिन्‍नता नहीं रखनी है और पूरे जोश के साथ चुनाव में जीत का गीत लिखना है। चुनाव को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं से विधानसभावार चर्चा करनी है। इसके तहत पहले संभाग के सभी कार्यकर्ताओं को एक साथ बैठाकर जीत का मंत्र फूंका जा रहा है।

इधर, मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे, राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष ओमप्रकाश माथुर, प्रदेशाध्‍यक्ष मदन लाल सैनी सहित अन्‍य वरिष्‍ठ नेता पांडाल में आकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करें। उससे पहले सुबह दस बजे मुख्‍यमंत्री होटल से निकलकर संत अवधेशानन्‍द चैतन्‍य के दर्शन करने सादढ़ी के लिए निकली हैं।

इस बीच वाजपेयी की इन कविताओं के माध्‍यम से कार्यकर्ताओं में उत्‍साह का संचार करने का प्रयास किया जा रहा है। बीच-बीच में उन्‍हें कुछ निर्देश भी दिए जा रहे हैं। करीब चालीस मिनट के बाद वसुंधरा राजे लौट आती हैं और सीधी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच जाती हैं। पांडाल में संभागवार करीब पांच सौ कार्यकताओं को बैठाया गया है।

वसुंधरा कार्यकर्ताओं से मुखातिब होती हैं, उन्‍हें समझाती हैं कि कांग्रेस के नेता बातों के उस्‍ताद हैं और अनर्गल बातें करते हैं। वे चाहते हैं कि भाजपा के लोग डिप्रेशन में आ जाएं। राजे भरोसा दिलाती हैं कि आप लोग पार्टी की नींव है, इसलिए आप सभी को सलाह के लिए यहां बुलाया गया है। आप पर पार्टी को जिताने की बड़ी जिम्‍मेदारी है। आपको सिर्फ पार्टी के लिए सोचना हैं। यहां ऐसी ही बात बताएं कि पार्टी आगे बढ़े। राजे समझाती हैं, सोशल मीडिया चुनाव में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।

सुझाव भी दिया कि कार्यकर्ता आमजन के बीच जाकर तीन लाभार्थियों से मिलें, बातचीत के वीडियो बनाकर उसे वायरल करें और सरकार के काम को प्रचारित करें। कांग्रेस ने जो नेगेटिविटी शुरू की है उसे रोकें। इस बीच पांडाल के ठीक बाहर शोरशराबा होता है। अचानक गहमागहमी का माहौल बनता है।

मदन राठौड़ और कुछ अन्‍य नेता बाहर आकर कार्यकर्ताओं के समझाने की कोशिश करते हैं कि रायशुमारी के लिए जो कार्यकर्ता अपेक्षित थे। उन्‍हें ही अन्‍दर जाने की अनुमति दी गई है। पांडाल में मौजूद लोगों को विधासभावार अलग-अलग कोर कमेटियों के पास भेजा जाता है। यह कोर कमेटियां कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेती हैं। उनसे प्रमुखता से तीन बातें की जा रही है, पहला पार्टी कैसे जीतेगी।

दूसरा आपके क्षेत्र में पार्टी कहां कमजोर है और उसके कारण क्‍या हैं। तीसरा जिसे भी पार्टी टिकट दे उसे सभी प्राण पण से जिताने के लिए जुट जाएं। इसके अलावा सभी को एक पर्ची थमाई जाती है जिसमें उनके सुझाव मांगे जाते है। उनसे यह भी पूछा जा रहा है कि कांग्रेस का कैंडिडेट कौन हो सकता है और कांग्रेस के पास मुद्दे क्‍या हो सकते है। कार्यकर्ताओं के सुझाव लेकर एक पेटिका में डाले जाते हैं।

दो सत्रों में सुबह दस बजे से शाम आठ बजे तक यही माहौल रहता है। इसके बाद कोर कमेटी के सभी सदस्‍य मीटिंग कर चुनाव की नई रणनीति पर चर्चा करते हैं। सोमवार को सुबह के सत्र में पाली जालोर सिरोही और दोपहर बाद बाड़मेर जैसलमेर, जोधपुर देहात की तीन सीटों पर और शाम के बाद चित्तौडग़ढ़ और राजसमंद की कुल 35 सीटों पर रायशुमारी की जाती है। इससे पहले रविवार को जोधपुर व बीकानेर संभाग की 31 सीटों के लिए रायशुमारी पूरी हो चुकी है।

जिसे मैदान में उतारेंगे, उसे ही जिताएं
राजे के अलावा, राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष ओम माथुर, प्रदेश अध्‍यक्ष मदन लाल सैनी भी कार्यकर्ताओं में उत्‍साह जगाते हैं। कार्यकर्ताओं को एक ही मंत्र दिया जा रहा है, कि कमल का फूल ही जीते। इसके लिए सभी एकजुट हो जाएं। उन्‍हें समझाया जाता है, टिकट के लिए दावेदार बहुत हैं, लेकिन मैदान में एक को ही उतारा जाएगा। जिसे भी प्रत्‍याशी घोषित किया जाए उसके साथ सभी को जुटना है।