12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Crime : राजस्थान में अवैध शराब का संगठित नेटवर्क कैसे टूटेगा? सरगना दे रहे पुलिस को चकमा

Rajasthan Crime : राजस्थान में तस्करों के बदलते तौर-तरीके, मजबूत नेटवर्क और बिचौलियों की भूमिका ने प्रदेश में शराब के अवैध कारोबार को संगठित अपराध का रूप दे दिया है। पढ़ें पूरी स्टोरी।

2 min read
Google source verification

पाली

image

Sanjay Kumar Srivastava

image

नागेश शर्मा

Nov 25, 2025

Rajasthan illicit liquor organized network gang leader eluding police

पाली. ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस थाने में खड़ा जब्त गैस टैंकर। फोटो पत्रिका

Rajasthan Crime : तस्करों के बदलते तौर-तरीके, मजबूत नेटवर्क और बिचौलियों की भूमिका ने प्रदेश में शराब के अवैध कारोबार को संगठित अपराध का रूप दे दिया है। हालात ये हैं कि मामले दर्ज होने और गिरफ्तारियां बढ़ने के बावजूद मुख्य तस्कर पर्दे के पीछे ही हैं। इससे इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

प्रदेश में पुलिस की दबिश, ऑपरेशन गुप्त और प्रहार लगातार चल रहे हैं। ट्रक-टैंकर जब्त हो रहे हैं और ड्राइवर-खलासी सलाखों के पीछे जा रहे हैं। फिर भी शराब तस्करी बदस्तूर जारी है। सरगना अब भी पकड़ से दूर हैं। चावल के कट्टों से लेकर गैस टैंकर तक हर बार नई चाल और हर बार पुलिस की अधूरी पकड़।

करोड़ों की अवैध शराब जब्त होने के बावजूद असली मालिकों का नाम तक सामने नहीं आता। यही इस संगठित अपराध की सबसे बड़ी ताकत बनता जा रहा है। अकेले पाली में ही इस वर्ष में 456 मामलों में 461 लोग पकड़े। इनमें अधिकतर ड्राइवर और खलासी ही थे। सिरोही में 478 कार्रवाइयों में 501 लोग पकड़े गए। इनमें भी ज्यादातर किराए के लोग ही शामिल थे।

इसलिए नहीं टूट पाती चेन…

जांच एजेंसियों के अनुसार तस्कर ड्राइवरों को केवल सफर तय करने के लिए रखते हैं। शराब भरने और खाली करने का काम बिचौलिए करते हैं। इस कारण चालक सप्लायर से सीधे नहीं मिलते, जिससे चेन टूट नहीं पाती। पंजाब-हरियाणा निर्मित शराब पश्चिमी राजस्थान के रास्ते गुजरात भेजी जा रही है, जहां प्रतिबंध के कारण इसका बड़ा अवैध बाजार है। सिरोही पुलिस इस वर्ष अब तक पौने चार करोड़ की शराब जब्त कर चुकी है। लगातार दबिशों के बावजूद तस्करों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।

संगठित अपराध तोड़ने के पूरे प्रयास

यह संगठित अपराध है। वाहन चालक को भी यह पता नहीं होता कि शराब किसकी है। वह भरवाने वाले का नाम तक नहीं बता पाता। हालांकि इस चेन को तोड़ने के लिए प्रदेश में पुलिस पूरे प्रयास में लगी है।
आदर्श सिधू, पुलिस अधीक्षक, पाली

केस : 01 - 25 मई, 2025

जालोर पुलिस ने एक ट्रक से 25 लाख की अवैध शराब बरामद की। चालक अमित नायक और साथी सुखदेव को गिरफ्तार किया गया। बाद में दोनों को जमानत मिल गई। इस केस में न तो शराब का मालिक सामने आया और न ही बड़ा तस्कर पकड़ में आया। ट्रेलर भी अभी नहीं छूटा।

केस: 02 - 9 सितम्बर, 2025

पाली पुलिस ने गैस टैंकर में छिपाकर ले जाई जा रही बीयर के 620 कर्टन पकड़े। पंजीयन देराजराम के नाम था, जिसे बाद में जमानत मिल गई। शराब भरवाने वाला गणेशराम पकड़ा गया, लेकिन असल मालिक तक पुलिस नहीं पहुंच पाई। यह टैंकर भी अभी नहीं छूटा।

केस : 03- 15 नवंबर, 2025

सिरोही जिले के आबूरोड रीको थाना पुलिस ने राजस्थान-गुजरात बॉर्डर पर ट्रक से 100 कार्टन अंग्रेजी शराब और बीयर जब्त किए। शराब की खेप ब्यावर से गुजरात ले जाई जा रही थी। पुलिस को यहां सिर्फ ट्रक चालक, ब्यावर निवासी सोहन सिंह हाथ लगा। असली मालिक कौन था, यह अब तक पता नहीं चला।