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राजस्थान का रण : सुमेरपुर विधानसभा के लोग बोले, हमारे यहां खुशी कम परेशानी ज्यादा, सर्वे में हुआ खुलासा

-राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018
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पाली

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Suresh Hemnani

Sep 06, 2018

Rann of Rajasthan: rajasthan Assembly election 2018

राजस्थान का रण : सुमेरपुर विधानसभा के लोग बोले, हमारे यहां खुशी कम परेशानी ज्यादा, सर्वे में हुआ खुलासा

सुमेरपुर। सत्तारूढ़ भाजपा का दावा है कि उसके शासन में हुए विकास कार्यों को लेकर मतदाता खुश है। पत्रिका ने इस दावे की सच्चाई जानने के लिए जिले की छहों सीटों में सर्वाधिक मतों से भाजपा को जीत दिलाने वाले सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र में सर्वे कर खुशियों का स्तर जाना। मतदाताओं का कहना है कि सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, सडक़, चिकित्सा इत्यादि में कोई खास बदलाव नहीं होने से उनकी उम्मीदें परवान नहीं चढ़ीं। चिकित्सकों के पद रिक्त, जीरा मंडी भी अधर मेंसुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2013 के आम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रत्याशी बीनाकाक को 42 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से हराया था। भाजपा की सरकार बनने के बाद क्षेत्र की जनता को हर क्षेत्र में विकास कार्य होने की उम्मीद थी। वर्तमान में सुमेरपुर उपखण्ड मुख्यालय पर सबसे बड़े सामुदायिक चिकित्सालय समेत ग्रामीण इलाके के चिकित्सालयों में चिकित्सकों समेत नर्सिंगकर्मियों की काफी कमी है। हालांकि क्षेत्र की सबसे बड़ी आशा जवाई पुनर्भरण योजना थी। हाल ही में मुख्यमंत्री ने 3-3 हजार करोड़ की राशि दो चरणों में स्वीकृत करने की घोषणा की है। उपखण्ड मुख्यालय पर परिवहन कार्यालय खोलने व जीरा मण्डी की शुरुआत करने की मांग पिछले लम्बे समय से पूरी नहीं हुई है। आम मतदाताओं का कहना है कि पिछले चार साल तक विकास कार्य मंथर गति से हुए। जबकि अब चुनाव नजदीक आने पर घोषणाएं की जा रही है।

आमने-सामने

जनता खुश है। गरीब को छत मिली। बड़ी तादाद में शौचालय का निर्माण हुआ। सडक़ें, स्कूल, गौरव पथ जैसे बड़ी संख्या में विकास कार्य हुए। भामाशाह योजना के तहत निजी अस्पतालों में उपचार कराने की सुविधा आमजन को मिलना मौजूदा सरकार की बड़ी सौगात रही। जवाई पुनर्भरण के लिए सरकार ने 6 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए। पूरे विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों में कोई कमी नहीं रही। -मदन राठौड़, विधायक, सुमेरपुर

पांच साल का कार्यकाल निराशाजनक रहा। विधानसभा क्षेत्र में अधिकांश वही काम हुए जो पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार में हमने स्वीकृत किए थे। जवाई बांध की भराव क्षमता बढ़ाने के लिए अशोक गहलोत सरकार ने भी पैसा स्वीकृत किया था। सडक़ों की हालत पूरे पांच साल दयनीय रही। नल भी लगा रहे हैं कह रहे हमने लगाया, जबकि हकीकत में आमजनता ही नहीं, सभी वर्ग परेशान है। -बीना काक, निकटतम कांग्रेस प्रत्याशी