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अब देश में कहीं से भी खरीद सकेंगे राशन सामग्री

अगले माह से उचित मूल्य की दुकानों पर इंटीग्रेटेड पोर्टेबिलिटी
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अब देश में कहीं से भी खरीद सकेंगे राशन सामग्री

ओम टेलर

पाली . राशन कार्ड में फर्जीवाड़ा रोकने एवं देश भर में उपभोक्ता का एक ही राशनकार्ड बनाने की मंशा से सरकार उपभोक्ताओं का डाटा ऑनलाइन अपडेट करने में जुटी है। एेसा होने से उपभोक्ता देश के किसी भी कोने में स्थित उचित मूल्य की दुकान से राशन सामग्री खरीद सकेंगे।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत जिलास्तर पर उचित मूल्य की सभी दुकानों का विवरण फीस्ट पोर्टल पर रजिस्टर किया जाएगा। दुकानों की संख्या के अनुसार पॉश मशीन होगी। नई व्यवस्था के तहत बिना राशन कार्ड की मैपिंग के उचित मूल्य की दुकान पर राशन आवंटित नहीं किया जाएगा। विभाग की शासन सचिव मुग्धा सिन्हा ने ऑनलाइन अपडेट दुकान पर राशन वितरण के लिए जिला रसद अधिकारियों को आदेश दिए है।

फर्जी राशनकार्ड पर लगेगा अंकुश
कई बार उचित मूल्य के दुकान के लाइसेंस के निलंबन और निरस्तीकरण, अवकाश त्यागपत्र और मृत्यु होने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र के कार्डधारक राशन लेने से वंचित हो जाते है। इसे देखते हुए उपभोक्ता मंत्रालय ने इंटीगे्रटेड मैनेजमेंट ऑफ पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (आईएम-पीडीएस) के तहत राशन लेने की व्यवस्था शुरू की है। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अपनी मर्जी से उचित मूल्य की दुकान का चयन करके राशन ले सकेगा। जिले के सैकड़ों लोग ऐसे है जो काम-काज के सिलसिले में गुजरात, महाराष्ट्र, चेन्नई में कार्य करते है। जिनका राशन कार्ड जिले में भी बना हुआ है और राज्य के बाहर भी राशन कार्ड बना लेते है। यह व्यवस्था लागू होने से फर्जी राशन कार्ड के मामले सामने आ सकेंगे।

पाली जिले में ६ लाख ६६ हजार ७१० राशन कार्ड उपभोक्ता

इनमें से ५ लाख २३ हजार ८४० उपभोक्ताओं का डाटा ऑनलाइन हो रखा है। इसी तरह खाद्य सुरक्षा से २ लाख ९७ हजार १५२ उपभोक्ता जुड़े हुए है। इनमें से २ लाख ८७ हजार १५३ उपभोक्ताओं का डाटा ऑनलाइन अपडेट किया जा चुका है। नए सिस्टम के तहत राशन कार्ड का आधार से लिंक होना जरूरी है। जिले में साढ़े छह लाख के करीब उपभोक्ता है। अधिकतर का डाटा अपडेट हो चुका है। शेष की प्रक्रिया चल रही है।
प्रमोद सीरवी, जिला रसद अधिकारी