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पढ़ें टिप्पणी…जागते रहिए क्योंकि पुलिस निद्रा में और अपराधी गश्त पर हैं…

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पाली

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Rajkamal Vyas

Oct 23, 2019

पढ़ें टिप्पणी...जागते रहिए क्योंकि पुलिस निद्रा में और अपराधी गश्त पर हैं...

पढ़ें टिप्पणी...जागते रहिए क्योंकि पुलिस निद्रा में और अपराधी गश्त पर हैं...

रमेश शर्मा

Pali. चोरी, लूट डकैती की रोजाना जिस तरह से खबरें आ रही हैं, ये इस बात की

पुष्टि करती हैं कि पूरे प्रदेश की पुलिस नींद के आगोश में है। हैरान
करने वाली बात है कि चोरों का एक गिरोह अजमेर शहर के बीचों-बीच से
दिनदाहड़े लग्‍जरी एसयूवी वाहन उड़ाता है। बड़ी तसल्‍ली से तीन जिलों में
तफरी करते हुए एक के बाद एक सिलसिलेवार कई वारदातों को अंजाम देता है,
लेकिन पुलिस की नींद नहीं उड़ती। ये गैंग ब्‍यावर, भीम, देवगढ़ होते हुए
पाली जिले के रानी और बाली कस्बों में एक ही रात में तीन सर्राफा की
दुकानों के ताले तोडकऱ 44 लाख के जेवरात पार करती है। फिर ब्‍यावर में
भी वारदात करती है।

गैंग सिर्फ वारदात ही नहीं करती, पुलिस को भी खुली
चुनौती दे रही है। यह साबित करता है कि यह सिर्फ एक-दो थाना पुलिस का
निठल्‍ला या निकम्‍मापन नहीं है। पूरे प्रदेश का पुलिस महकमा ही नींद में
गाफिल है। ये एक साथ अजमेर, राजसमंद और पाली तीन जिलों में महकमे की
कार्यप्रणाली के साथ साथ शासनतंत्र पर सवाल खड़े कर रहा है।
यह अकेली वारदात नहीं है।

पिछले महीने में पाली और सिरोही जिलों में इसी
तरह से कई वारदातें हो चुकी हैं लेकिन किसी भी वारदात का खुलासा नहीं हुआ
है। शिवगंज और सुमेरपुर में में एक ही रात में दर्जनभर दुकानों के ताले
तोडकऱ लाखों का माल साफ किया गया, इस बात को एक पखवाड़ा भी नहीं बीता
है। पिछले सप्‍ताह सोजतरोड में भी ऐसी ही वारदातें हुई। करीब दो महीने
पहले पाली शहर के एक डॉक्‍टर के निवास से चोर ७० लाख रुपए उड़ा गए लेकिन
इस अब तक पता नहीं चला है।

दिवाली का त्‍योहार देखते हुए सर्राफा दुकानें
सबसे अधिक निशाने पर हैं। इसी तरह महिलाएं और वृद्धजन चोर और लुटेरों के
आसान लक्ष्‍य हैं। आलम ये है कि हमारे देहात क्षेत्र में हमेशा गहनों से
लदकद रहने वाली कुछ महिलाओं ने स्‍वीकार किया है कि लगातार बढ़ती चोरी और
लूट को वारदातों को देखते हुए उन्‍होंने गहने
पहनना छोड़ दिया है। व्‍यवस्‍था किस कदर लचर है इस सिलसिलेवार वारदातों
से अंदाजा लगाया जा सकता है। क्‍या हम अब भी मान सकते हैं, पुलिस
चौकन्‍नी है, निगरानी व्यवस्था एकदम चौकस है और पुलिस गश्‍त पर है? ऐसा
नहीं है कि अपने महकमे की कार्यप्रणाली से पुलिस के अधिकारी भी अनजान
हों।

पाली पुलिस अधीक्षक ने पिछले दिनों अपने महकमे की मुस्तैदी जांचने
के लिए डिकॉय ऑपरेशन किया। इससे पुलिस मुस्‍तैदी की पोल सामने आ गई। किसी
थाने में पुलिस संतरी बिना हथियार ड्यूटी दे रहा था। एक थाने में एसएचओ
बिना बताए रात में गायब था। कहीं ड्यूटी ऑफिसर सोते हुए मिले। पुलिस
थानों के यह हाल होंगे तो समझा जा सकता है कि गश्त पर तो चोर ही होंगे?