
प्रवासियों से खतरा बढ़ा, नहीं हो रहे घरों में क्वारेंटाइन, ग्रामीण इलाकों में खुले घूम रहे
पाली। कोरोना संक्रमण के बाद पाली जिले में अस्सी हजार के करीब प्रवासी आए है, ये प्रवासी निजी वाहनों व ट्रेन और बसों से पहुंचे हैं, इनसे पाली जिले के ग्रामीण इलाकों में कोरोना का खतरा [ Risk of corona infection ]
बढ़ गया है। खासकर प्रवासी खुद को घरों में क्वारेंटाइन [ Home quarantine ] नहीं कर रहे हैं, वे गांवों में खुले ही घूम रहे हैं, उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है, इसी का परिणाम है कि जिले के देसूरी, सुमेरपुर, पिपलिया, पावा क्षेत्र में कोरोना संक्रमण बढ़ गया है।
प्रशासन ने गारंटी व जुर्माने का प्रावधान किया, लेकिन कोई नहीं मान रहा
गत दिनों जिला कलक्टर ने कोरोना मरीजों को होम क्वारेंटाइन करने को लेकर आदेश निकाला था, इसके तहत दो जमानती 25-25 हजार रुपए के तथा मरीज बाहर घूमता हुआ दिखाई देता है तो पचास हजार रुपए का जुर्माना व दो साल की सजा का उल्लेख किया था। प्रवासियों से भी गारंटी मांगी गई थी, लेकिन यह आदेश काम नहीं आया।
ट्रेन से उतरकर भागे प्रवासियों का पता नहीं चला
एक दिन पूर्व मारवाड़ जंक्शन स्टेशन पर पचास से अधिक प्रवासी मजदूर ट्रेन की पुलिंग खिंचकर उतरकर भाग गए गए थे। इनका पता अभी नहीं चला है, यह खतरनाक साबित हो सकता है। जिले के गोडवाड़ इलाकों में मुम्बई से सबसे अधिक प्रवासी आए है, वहीं मारवाड़ इलाके में हैदराबाद, तेलंगाना, चैन्नई व बंगलुरू से प्रवासी आए है। ये प्रवासी खुले आम ही घूम रहे हैं, जबकि इन्हें आते ही दो सप्ताह तक घरों में क्वारेंटाइन होना है, ग्रामीण इलाकों में ऐसा नहीं हो रहा है। इससे समस्या और बढ़ सकती है।
पत्रिका अलर्ट : प्रवासी खुद समझे अपनी जिम्मेदारी
प्रवासियों को सरकार ने हालात को देखते हुए अपने घर बुला लिया। अब प्रवासियों को अपने गांव व शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी समझते हुए खुद को क्वारेंटाइन रखना चाहिए, ताकि यह संक्रमण अधिक न फैले। इसके लिए प्रवासियों को खुद को सरकारी नियमों को मानना पड़ेगा और जिम्मेदारी समझनी होगी।
Published on:
16 May 2020 06:30 am
