
बिगड़े बिजली के हालात, रोडवेज के पहिए थमने से आम हुआ परेशान
पाली। अपनी मांगों को लेकर सोमवार को जिले के 489 डिस्कॉमकर्मी सामूहिक हड़ताल पर रहे। वे जयपुर रैली में भाग लेने के कारण काम पर नहीं आए। इससे बिजली हालात बिगड़ गए। घरों में आए बिजली फॉल्ट समय पर नहीं निकले। ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या रही। वहीं मांगों को लेकर इंटक यूनियन से जुड़े रोडवेजकर्मी हड़ताल पर रहे। इससे डिपो से सभी बसों का संचालन नहीं हो सका। अन्य डिपो में रुकी पाली व फालना डिपो की बसों को रूट पर नहीं चलने दिया गया। साथ ही अन्य डिपो से भी बसें पाली-फालना डिपो नहीं पहुंची। इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल से पाली डिपो को भी करीब पांच लाख व फालना डिपो को छह लाख के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा।
निजी बसों में रही भीड़
पाली डिपो की मुख्य प्रबंधक स्वाति मेहता ने बताया कि हड़ताल के चलते पाली डिपो से सोमवार को कुछ बसें संचालित की। लेकिन, हड़ताल के चलते वे ब्यावर, बिलाड़ा से आगे नहीं जा सकी। जोधपुर, सिरोही, जयपुर, अजमेर व ब्यावर में नाइट होल्ड करने वाली बसें भी पाली नहीं पहुंची। प्रतिदिन डिपो की बसें 63 शेड्युल चलती है। हड़ताल के चलते 20 प्रतिशत बसें भी निर्धारित रूट पर नहीं चल सकी। प्रतिदिन डिपो को साढ़े सात लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। हड़ताल के कारण सोमवार को पांच लाख रुपए से ज्यादा का राजस्व का नुकसान हुआ।
489 डिस्कॉमकर्मी अवकाश पर, बिजली आपूर्ति चरमराई
पाली। राजस्थान विद्युत संयुक्त कर्मचारी एकता मंच के तत्वावधान में जिले के 489 डिस्कॉम अभियंता व कर्मचारी सोमवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। वे जयपुर में प्रस्तावित रैली में पहुंचे। रोहट में चार घंटे तक बिजली गुल रही। जैतारण, सोजत, रायपुर मारवाड़ के मगरा क्षेत्र सादड़ी, बाली क्षेत्र में खासी समस्याएं रही। इस पर डिस्कॉम ने हालात से निपटने से लिए कार्यालय में लगे स्टाफ को फील्ड में भेजा।
पाली जिले में कुल 153 जीएसएस है। इनमें से 93 जीएसएस ठेके पर दिए हुए हैं। जो जीएसएस ठेके पर है, वहां ठेकाकर्मियों के कारण दिक्कत नहीं हुई, लेकिन 60 जीएसएस पर डिस्कॉम का एक-एक कर्मचारी ही काम करता रहा। रोहट क्षेत्र में सुबह चार घंटे बिजली गुल रही। मशक्कत के बाद बिजली सुचारू हुई। इससे उपभोक्ता खासे परेशान रहे। डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता घनश्याम चौहान ने बताया कि जिले के 489 कर्मचारी अवकाश पर रहे। इसकी सूची मुख्यालय भेज दी गई है। कहीं पर भी बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जिले में शेष रहे करीब 700 कर्मचारियों को बिजली व्यवस्था का काम सौंपा गया है। कर्मचारी मंगलवार को काम पर आएंगे या नहीं, इस बारे में देर रात तक निर्णय नहीं हो पाया। डिस्कॉम ने कर्मचारियों को तुरंत काम पर लौटने को कहा है।
Updated on:
17 Sept 2018 09:49 pm
Published on:
17 Sept 2018 09:49 pm
