6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

संतों ने चातुर्मास स्थल का लिया जायजा, महंत ब्रह्माचारी बोले: तखतगढ़ नगरी है संतों की नगरी

-चातुर्मास को लेकर संतों की नगरवासियों से की चर्चा
less than 1 minute read
Google source verification

पाली

image

Suresh Hemnani

Mar 03, 2020

संतों ने चातुर्मास स्थल का लिया जायजा, महंत ब्रह्माचारी बोले: तखतगढ़ नगरी है संतों की नगरी

संतों ने चातुर्मास स्थल का लिया जायजा, महंत ब्रह्माचारी बोले: तखतगढ़ नगरी है संतों की नगरी

पाली/पावा। कुंभलगढ़ के सूरजकुंड धाम के महंत अवधेश चैतन्य ब्रह्माचारी ने कहा कि तखतगढ़ नगरी संतों की नगरी है। यहां कई संतों ने जन्म लिया है। वे मंगलवार शाम को तखतगढ़ कस्बे के आगामी चातुर्मास को लेकर स्थल का मौका मुआयना को लेकर कुंदेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित बैठक में प्रवचन कर रहे थे।

उन्होने कहा कि बीते महिने नगरवासियों ने नगर में चातुर्मास की विनती की। इस विनती के बाद पांडाल, आरती स्थल, पार्किग सहित अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु करवानी है। इसलिए श्रद्धालुओं के हिसाब से भूमि स्थल का मौका मुआयना करना जरूरी है। इस मौके पर देसूरी के हरिओम आश्रम के प्रवर्णानंद महाराज ने कहा कि धर्म के साथ अधर्म का भी जुड़ाव रहता है। जबकि धर्म की हमेशा जीत होती है। इस मौके पर राकांवत डेकोरेशन के संचालक बाबूलाल राकांवत ने कहा कि तखतगढ़ की नगर में चातुर्मास करवाने की ईच्छा रही। इसके चलते इस चातुर्मास तखतगढ़ में तय किया गया।

ये रहे मौजूद
इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज नामा, जब्बरसिंह तरवाड़ा, रामसिंह आदि ने संबोधन दिया। महंत अवधेश चैतन्य ब्रह्माचारी ने मांगलिक सुनाया। श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया। इससे पूर्व महंत अवधेश चैतन्य ब्रह्माचारी, हरिओम आश्रम के प्रवर्णानंद महाराज, हल्दीघाटी खमनोर आश्रम के ज्ञानानंद महाराज सहित अन्य संतों का नगरवासियों ने आशीर्वाद लिया। इस मौके एडवोकेट मुकेश सुथार, महेन्द्रसिंह,जितेन्द्रसिंह, भंवरसिंह, भीमाराम चौधरी, मगाराम चौधरी, कुलदीप सहित अन्य लोग संतों के काफिले के साथ तखतगढ़ पहुंचे।

धूमधाम से हुआ स्वागत
कस्बे के मैन बाजार हनुमान मंदिर से बालिकाओं ने कलशों से स्वागत किया। हनुमान मंदिर में महंत ने दर्शन कर नारियल का प्रसाद चढ़ाया। बाद में महंत पैदल ही डाक गली होते हुए कुंदेश्वर महादेव मंदिर पहुंंचे।